शेयर बाजार के नियमों का उल्लंघन करने वाले को सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) अब व्हाट्सएप (WhatsApp), टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए कारण बताओ नोटिस और समन भेजेगा। SEBI को इस कदम से प्रक्रियाओं में तेजी और कुशलता आने की उम्मीद है।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI अभी तक रजिस्टर्ड पोस्ट, कूरियर, फैक्स और ईमेल के जरिए नोटिस भेजता था। हालांकि अब उसने इन माध्यमों के अलावा व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने का भी फैसला किया है।
एक एक्सपर्ट ने बताया, "सिक्योरिटी मार्केट से जुड़े नियमों, रेगुलेशन और फ्रेमवर्क में समय-समय पर जरूरत के हिसाब से परिवर्तन किए जाते रहे हैं। मौजूदा समय अब नोटिस भेजने के तरीकों में बदलाव लाने की मांग करता है।"
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2020 को एक सुनवाई के दौरान इस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई थी कि ईमेल के अलावा व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए भेजे गए नोटिस और समन भी कानूनी रूप से मान्य होंगे।
तत्कालीन चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस आर एस रेड्डी और ए एस बोपन्ना की बेंच ने कहा था कि लॉकडाउन के दौरान हम सबने देखा कि नोटिस को फिजिकल तौर पर डिलीवर करना कितना मुश्किल हो गया था। ऐसे में यह समय की मांग है कि इसमें इनोवेशन लाया जाय।
सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने बताया, "सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुरू की गई इस पहल का अब न केवल दिल्ली हाई कोर्ट बल्कि जिला अदालतों और वित्तीय अधिकारियों द्वारा भी पालन किया जा रहा है। हाल ही में चंडीगढ़ स्थित एक फाइनेंशियल अथॉरिटी ने इसका इस्तेमाल करते हुए नेपाल में रह रहे एक निवासी को व्हाट्सऐप के जरिए नोटिस भेजा था।"
व्हाट्सएप के 'ब्लू-टिक' फीचर का उपयोग अदालतें यह निर्धारित करने के लिए करती हैं कि प्राप्तकर्ता ने नोटिस को देखा है या नहीं।
SEBI के एक पूर्व अधिकारी ने बताया, "मार्केट रेगुलेट ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश को तुरंत अपना लिया है और वित्त मंत्रालय को यह सिफारिश भेजा है कि लॉक-डाउन जैसी स्थिति नहीं रहने पर SEBI के मैसेजिंग ऐप के जरिए नोटिस भेजने के फैसले को लागू रखा जाए।"