किसी इंडेक्स के बढ़ने का मतलब यह नहीं कि उसमें शामिल अधितकतर शेयर चढ़े हैं। निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty MidCap 100) इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty SmallCap) इंडेक्स की ही बात करें इस वित्त वर्ष में अब तक ये 66 फीसदी तक चढ़े हैं लेकिन इनके मार्केट कैप में आधी यानी 50 फीसदी से अधिक तेजी 20 से भी कम शेयरों के चलते आई। यह खुलासा Ace Equities की एक रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से अब तक निफ्टी मिडकैप 100 में तेजी की वजह 16 शेयर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 18 शेयर रहे हैं।
दिलचस्प बात ये है कि जिन शेयरों ने तेजी को सपोर्ट किया, स्मॉलकैप इंडेक्स में 8 और मिडकैप इंडेक्स में 7 सरकारी कंपनियों के शेयर हैं। अप्रैल से अब तक घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 20 फीसदी से अधिक चढ़े हैं।
Nifty MidCap 100 की तेजी को किन शेयरों से मिला सपोर्ट
निफ्टी मिडकैप 100 का मार्केट कैप 1 अप्रैल से 19 दिसंबर के बीच 32.29 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 49 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह इंडेक्स इस वित्त वर्ष में अब तक 66 फीसदी मजबूत हुआ है। इसकी आधी तेजी अदाणी पावर, पावर फाइनेंस, IRFC, REC, यूनियन बैंक ऑफ इडिया, मैक्रोटेक डेवलपर्स, पॉलीकैब इंडिया, भेल, वोडाफोन इंडिया, लुपिन जैसे 16 शेयरों से आई। वहीं कोफोर्ज, एस्ट्रल, टाटा कम्यूनिकेशंस और इंडस टावर्स जैसे इंडेक्स के 54 शेयर तो 1 फीसदी से भी कम चढ़े।
Nifty SmallCap 100 को इन शेयरों से मिला सपोर्ट
निफ्टी स्मॉलकैप 100 की बात करें तो 1 अप्रैल से 19 दिसंबर के बीच इसका मार्केट कैप 10.9 लाख करोड़ रुपये 18.10 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। यह इंडेक्स इस वित्त वर्ष में अब तक 51 फीसदी मजबूत हुआ है। यह इंडेक्स इस वित्त वर्ष में अब तक 51 फीसदी मजबूत हुआ है। इसका आधा से अधिक मार्केट कैप इंडियन ओवरसीज बैंक, सुजलॉन, IDBI बैंक, बीएसईष सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कल्याण ज्वैलर्स, यूको बैंक, एंजेल वन, हुडको और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस समेत 18 शेयरों ने बढ़ाया। वहीं नालको, आईआईएफएल फाइनेंस, ग्रेफाइट इंडिया और फिनोलेक्स केबल्स समेत 57 शेयर तो 1 फीसदी से भी कम चढ़े।