Stocks to Sell: स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने के बाद यह जानना भी अहम होता है कि कब मुनाफा लेकर निकलना चाहिए। इसे लेकर सावधानी नहीं बरती तो मुनाफे की बजाय घाटा भी हो सकता है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने ऐसे ही तीन शेयर बताएं जो आपके पोर्टफोलियो में हैं तो इन्हें फटाफट बेचकर निकल लेना चाहिए क्योंकि मौजूदा लेवल से ये करीब 11 फीसदी फिसल सकते हैं। ये तीन शेयर हैं बाटा इंडिया (Bata India), वी-मार्ट रिटेल (V-MART Retail) और एंड्योरेंस टेक (Endurance Tech)। इसमें से दो शेयर में तो सोमवार को मामूली उतार-चढ़ाव रहा लेकिन एक में दो फीसदी से अधिक गिरावट रही। यहां इन तीनों शेयरों के आउटलुक और टारगेट प्राइस के बारे में जानकारी दी जा रही है।
जून तिमाही में बाटा का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.6 फीसदी बढ़कर 958 करोड़ रुपये पर पहुंच गए जबकि एचडीएफसी सिक्योरिटीज का अनुमान 1056 करोड़ रुपये का था। समय से पहले एंड-ऑफ-सीजन की लॉन्चिंग, रिटेल प्वाइंट्स की संख्या में सालाना आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी, स्नीकर ब्रांड फ्लोट्ज (Floatz) की अच्छी ग्रोथ के बावजूद इसके रेवेन्यू की ग्रोथ फीकी रही। ब्रोकरेज के मुताबिक इसके कोर प्रोडक्ट की बिक्री घट रही है और एंड ऑफ सीजन सेल के निगेटिव होने के आसार बन रहे हैं।
कम ग्रोथ और मार्जिन के चलते ब्रोकरेज ने इसके वित्त वर्ष 2024/25 के EBITDA के अनुमान में 5-7 फीसदी की कटौती कर दी है और इसकी रेटिंग घटाकर रिड्यूस कर दी है। इसमें निवेश के लिए टारगेट प्राइस 1500 रुपये है जो मौजूदा लेवल से 9 फीसदी डाउनसाइड है। इसके शेयर बीएसई पर सोमवार 14 अगस्त को 0.07 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 1648 रुपये पर बंद हुए थे।
ब्रोकरेज के मुताबिक वी-मार्ट के शेयर मौजूदा लेवल से 10 फीसदी से भी ज्यादा फिसल सकते हैं। जून तिमाही में इसका रेवेन्यू सावाना आधार पर 15.4 फीसदी उछलकर 678.52 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो उम्मीद के मुताबिक ही रहा। इसका ऑर्गेनिक बिजनेस 15 फीसदी बढ़कर 542 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव और अधिक कीमत वाले सामानों पर डिस्काउंट के चलते प्रॉफिटेबिलिटी अनुमान से कम रही और 11.8 फीसदी के अनुमान के मुकाबले 7.7 फीसदी रही। इसके अलावा लाइमरोड से जुड़े खर्चों के चलते इसका मार्जिन नीचे आया।
इन सब वजहों से ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2025 के लिए इसके EBITDA में 23 फीसदी और वित्त वर्ष 26 के EBITDA में 7 फीसदी की कटौती की है। वहीं इसकी रेटिंग डाउनग्रेड कर रिड्यूस कर 2400 रुपये से 2050 रुपये कर दिया है। इसके शेयर सोमवार को बीएसई पर 2.32 फीसदी की गिरावट के साथ 2285.35 रुपये पर बंद हुए थे।
देश की सबसे बड़ी एलुमिनियम डाई-कास्टिंग कंपनी एंड्योरेंस टेक का जून तिमाही में यूरोप में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के चलते नेट प्रॉफिट ब्रोकरेज के 140 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक 160 करोड़ रुपये रहा। वहीं स्टैंडएलोन भी इसका कारोबार घरेलू ऑटो इंडस्ट्री के मुकाबले अधिक शानदार रहा लेकिन इसका यूरोपीय कारोबार यूरोप ऑटो इंडस्ट्री के मुकाबले लगातार दूसरी तिमाही फीका रहा। अब आगे की बात करें तो घरेलू स्तर औकर निर्यात बाजारों में दोपहिया वाहन कंपनियों की तरफ से सुस्त मांग दिख रही जो एंड्योरेंस के लिए चिंता का विषय है। वहीं सप्लाई चेन की चुनौतियां ढीली पड़ रही हैं लेकिन रिकॉर्ड हाई इनफ्लेशन और बढ़ती ब्याज दरों के चलते यूरोप में मांग कमजोर बने रहने की आशंका है।
इसके बावजूद लागत में गिरावट और यूरोप में एनर्जी कॉस्ट में कटौती के चलते वित्त वर्ष 2025 तक इसके मार्जिन में सुधार के आसार हैं। इसके साथ जितने भी पॉजिटिव हैं, उसे लेकर भी वित्त वर्ष वर्ष 2025 के ईपीएस के हिसाब से इसका शेयर 28.8 गुना भाव पर बैठ रहा है जो काफी महंगा है तो ऐसे में ब्रोकरेज ने इसकी रिड्यूस रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस 1426 रुपये से बढ़ाकर 1467 रुपये कर दिया है। यह मौजूदा लेवल से 11 फीसदी डिस्काउंट पर है इसके शेयर सोमवार को बीएसई पर 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 1649.25 रुपये पर बंद हुए थे।
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