Semiconductor Stocks: सरकार का ₹1.64 लाख करोड़ का सेमीकंडक्टर दांव! इन 6 कंपनियों के शेयरों पर रखें नजर
Semiconductor Stocks: सरकार ने 1.64 लाख करोड़ रुपये के 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इससे चिप, PCB और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है। जानिए किन 6 कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
Tata Group भी भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का बड़ा हिस्सा है।
Semiconductor Stocks: भारत अब सिर्फ मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबल करने वाला देश नहीं रहना चाहता। सरकार अब देश में सेमीकंडक्टर यानी चिप मैन्युफैक्चरिंग का पूरा इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में सरकार ने हाल ही में करीब 1.64 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। India Semiconductor Mission 2.0 और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है।
इसका असर सिर्फ चिप बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, PCB, EMS और चिप डिजाइन से जुड़ी कई कंपनियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 6 कंपनियों के बारे में।
Dixon Technologies
Dixon Technologies देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनियों में शामिल है। कंपनी मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाती है।
अगर भारत में चिप और PCB का प्रोडक्शन बढ़ता है, तो Dixon की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी। साथ ही, लागत घटाने में भी मदद मिलेगी।
Amber Enterprises
Amber Enterprises इस सरकारी पहल का सीधा फायदा उठाने वाली कंपनियों में मानी जा रही है। कंपनी उत्तर प्रदेश के जेवर में करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्लांट लगा रही है। यहां HVAC कंपोनेंट्स और PCB Assemblies की मैन्युफैक्चरिंग होगी। देश में PCB का उत्पादन बढ़ने से कंपनी के कारोबार को नई रफ्तार मिल सकती है।
Kaynes Technology
Kaynes Technology की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB Assembly कारोबार में दमदार मौजूदगी है। कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत होने से कंपनी को नए ऑर्डर मिलने और कारोबार बढ़ने की संभावना है।
CG Power
CG Power अब सिर्फ इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी सेमीकंडक्टर कारोबार में भी कदम रख चुकी है। ये गुजरात में रेनेसास और Stars Microelectronics के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर प्लांट बना रही है। सरकार के बढ़ते फोकस से इस प्रोजेक्ट को भी रफ्तार मिल सकती है।
Tata Group
Tata Group भी भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का बड़ा हिस्सा है। Tata Electronics असम में चिप पैकेजिंग (OSAT) प्लांट और गुजरात में सेमीकंडक्टर फैब प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। सरकार की नई योजनाओं और निवेश का फायदा टाटा ग्रुप को भी मिल सकता है। हालांकि, Tata Electronics अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
MosChip Technologies
MosChip Technologies चिप डिजाइन और एम्बेडेड इंजीनियरिंग सेवाएं देने वाली कंपनी है। अगर भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ती है, तो डिजाइन और रिसर्च से जुड़ी कंपनियों की मांग भी बढ़ सकती है। इसका फायदा MosChip को मिल सकता है।
क्यों अहम है सरकार का यह कदम?
सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। कोशिश यह है कि भारत पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करे। इसमें फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, PCB और डिजाइन जैसे सभी हिस्से शामिल हैं।
अगर यह योजना सफल रहती है, तो भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी। साथ ही हजारों नई नौकरियां भी पैदा होंगी। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब इस सेक्टर और इससे जुड़ी कंपनियों पर बनी हुई है।
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