Why Market Fall: 9 वजहों से शेयर मार्केट में हाहाकार, इंट्रा-डे में 995 प्वाइंट्स टूट गया Sensex
Why Sensex-Nifty Falls: अच्छी बढ़त के साथ खुलने के बाद घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 टूटकर डीप रेड हो गए। इस गिरावट की वजह सिर्फ मुनाफावसूली ही नहीं, और भी बड़ी वजहें हैं। यहां मार्केट में इस हाहाकार भरी बिकवाली की नौ अहम वजहें बताई जा रही हैं और जानिए निफ्टी के लिए अहम लेवल क्या हैं?
शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की तेजी के चलते कई निवेशकों को मुनाफावसूली का मौका दिखा और उन्होंने इसे भुनाया जिसके चलते Sensex और Nifty पर दबाव बना।
Why Sensex-Nifty Falls: लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट के सिलसिला इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भी जारी रहा लेकिन फिर निचले स्तर से घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार रिकवरी की और 0.4% से अधिक बढ़त के साथ बंद हुए थे। भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे के ट्रैक पर आने की उम्मीदों पर फैली मार्केट की यह रौनक आज भी जारी रही। हालांकि फिर एकाएक ऐसा हुआ कि मार्केट डीप रेड हो गया। ऑटो, आईटी और फार्मा स्टॉक्स की गिरावट ने ऐसा दबाव बनाया कि सेंसेक्स आज के इंट्रा-डे हाई 84,258.03 से 995.24 प्वाइंट्स फिसलकर 83,262.79 तक आ गया तो निफ्टी टूटकर 25,600 के एकदम करीब 25,603.30 तक आ गया था। हालांकि निचले स्तर पर रिकवरी के साथ ही सेंसेक्स आज 250.48 प्वाइंट्स यानी 0.30% की फिसलन के साथ 83,627.69 और निफ्टी 50 भी 57.95 प्वाइंट्स यानी 0.22% की गिरावट के साथ 25,732.30 पर बंद हुआ है।
Why Sensex-Nifty Falls: इन नौ वजहों से मचा हाहाकार
मुनाफावसूली
शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की तेजी के चलते कई निवेशकों को मुनाफावसूली का मौका दिखा और उन्होंने इसे भुनाया। एक कारोबारी दिन पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अमेरिका और भारत के बीच कारोबारी सौदे को लेकर पॉजिटिव बयान पर इंट्रा-डे के निचले स्तर से आज के इंट्रा-डे हाई तक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.2% ऊपर चढ़ गए थे।
ट्रंप के नए टैरिफ का ऐलान
अमेरिका और भारत के बीच कारोबारी सौदे के ट्रैक पर आने की उम्मीदों ने जो जोश भरा था, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के झटके से सहम गया। ट्रंप ने ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के चलते ईरान के साथ कारोबार कर रहे देशों पर तत्काल 25% का टैरिफ लगा गिया। चूंकि भारत भी ईरान के साथ कारोबार करता है तो ट्रंप के इस ऐलान से भारत को भी झटका लगा। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि ट्रंप के 25% टैरिफ ने यह फिर संकेत दिया कि टैरिफ को हथियार बनाने की रणनीति जारी रहेगी।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
घरेलू स्टॉक मार्केट में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। सोमवार को विदेशी निवेशकों को ₹3,638.40 करोड़ की नेट सेलिंग की और यह उनकी बिकवाली का लगातार छठा कारोबारी दिन रहा।
कमजोर रुपया
शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 5 पैसे कमजोर होकर $90.22 पर आ गया। कमजोर रुपये से मार्केट पर दबाव बनता है, खासतौर से आयात पर निर्भर सेक्टर्स की।
निफ्टी की एक्सपायरी
आज निफ्टी के डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी भी है तो इसके चलते मार्केट में काफी उठा-पटक दिखी। एक्सपायरी के दिन ट्रेडर्स को अपनी पोजिशन को या तो रोल ओवर यानी आगे बढ़ाना होता है या स्क्वेयर ऑफ, इसके चलते वोलैटिलिटी बढ़ने की गुंजाइस रहती है।
सेंसेक्स की एक्सपायरी
इस बार 15 जनवरी को बीएमसी इलेक्शंस के चलते स्टॉक मार्केट बंद रहेगा। इस वजह से सेंसेक्स के डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी एक दिन पहले खिसक गई यानी कि सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी इस बार कल ही यानी बुधवार 14 जनवरी को है और इसने वोलैटिलिटी बढ़ा दी।
आईटी कंपनियों के सुस्त कारोबारी नतीजे
नए लेबर कोड के लागू होने के चलते देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का मुनाफा दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर 13.91% गिरकर ₹10,657 करोड़ और एचसीएल टेक का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट 11.2% फिसलकर ₹4,076 करोड़ पर आ गया। आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजे पर मार्केट की रौनक फीकी कर दी।
कच्चे तेल के भाव में उछाल
मार्केट पर आज महंगे कच्चे तेल ने भी दबाव बनाया। ब्रेंट क्रूड 0.3% उछलकर प्रति बैरल $64.06 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की महंगाई से देश के ट्रेड बैलेंस और इनफ्लेशन आउटलुक पर दबाव बनता है जिससे मार्केट सेंटिमेंट पर असर पड़ता है।
कमजोर वैश्विक संकेत
कई एशियाई मार्केट की कमजोरी ने घरेलू स्टॉक मार्केट पर भी दबाव बनाया।
क्या है एक्सपर्ट का रुझान?
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि रीट्रेसमेंट के हिसाब से निफ्टी के लिए 25,900 का लेवल रेजिस्टेंस दिख रहा है। यह लेवल पार हुआ और माहौल बना रहा तो निफ्टी 26,020 का लेवल छू सकता है। हालांकि 25,775 से ऊपर यह नहीं टिक पाया तो टूटकर 25,715-25,620 के जोन में आ सकता है।
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