Sensex All-Time High: बीएसई सेंसेक्स (Bse Sensex) ने आज 7 जून को अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंडेक्स 1,720 अंक से अधिक उछलकर अपने अबतक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी अपने नए उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। इससे निवेशकों की आज करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसके साथ ही सेंसेक्स ने 4 जून को लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद आई भारी गिरावट की न सिर्फ भरपाई कर ली, बल्कि यह 2024 में इसका अबतक का सबसे अच्छा हफ्ता भी साबित हुआ। सेंसेक्स इस पूरे हफ्ते में 3.8 फीसदी या करीब 4,614 अंक बढ़ा है। वहीं निफ्टी में इस दौरान 3.4 फीसदी की तेजी आई।
सेंसेक्स में आज की जबरदस्त तेजी के पीछे 4 कारण प्रमुख रहे-
2. मोदी के PM बनने की पुष्टि से बाजार ने ली राहत की सांस
नरेंद्र मोदी के एनडीए के संसदीय दल में नेता चुने जाने और रविवार को उनका शपथग्रहण कार्यक्रम तय होने से भी शेयर बाजार ने राहत की सांस ली है। इससे पहले 4 जून को लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी। बीजेपी को अकेले बहुमत नहीं मिलने से बाजार में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी। बाजार को आशंका थी कि केंद्र में गठबंधन सरकार बनने से राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी और आर्थिक नीतियां भी बदल सकती है। हालांकि जेडीयू और टीडीपी जैसे सहयोगियों के समर्थन के बाद अब एनडीए सरकार का बनना तय हो गया है। इससे शेयर बाजार की आशंकाएं भी काफी हद तक कम हुई है और उसे उम्मीद है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
3. जीडीपी अनुमान में बढ़ोतरी
RBI ने मोजूदा वित्त वर्ष के लिए देश के जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान को 7% से बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया है। इसके भारत इकोनॉमी के फंडामेंटल्स और ग्रोथ स्टोरी में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और उन्होंने आज शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी की। इसके अलावा घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से बाजार में लगातार पैसा डालने से भी इंडेक्स को नए शिखर पर पहुंचने में मदद मिली।
4. इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावना
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वह ब्याज दरों में कटौती के लिए अमेरिकी सेंट्रल बैंक के फैसले की ओर नहीं देखेंगे। बल्कि वह देश के घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर यह फैसला करेंगे। शक्तिकांत दास के इस बयान से शेयर बाजार को यह संकेत मिला है कि अगर महंगाई ऐसे ही काबू में रही, तो इस साल के अंत तक ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती होने से शेयर बाजार में पैसों का फ्लो बढ़ जाता है। इस संकेत निवेशकों को सेंटीमेंट बेहतर हुआ और बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ खरीदारी की।