भारतीय शेयर बाजार मंगलवार 11 अक्टूबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 844 अंक टूटकर बंद हुआ। कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से पैसे खींचने के चलते बाजार नीचे आया। इस गिरावट के साथ ही मंगलवार को शेयर बाजार के निवेशकों को कुल करीब 4.16 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन सोमवार को कारोबार खत्म होने के समय 2,74,27,706.89 करोड़ रुपये थे, जो आज घटकर 2,70,11,275.45 करोड़ रुपये पर आ गया। इस तरह निवेशकों की आज एक दिन में करीब 4.16 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई।
कारोबार खत्म होते समय सेंसेक्स (Sensex) 843.79 अंक यानी 1.46 प्रतिशत लुढ़ककर 57,147.32 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी (Nifty) 257.45 अंक यानी 1.49 फीसदी की गिरावट के साथ 16,983.55 के स्तर पर बंद हुआ।
Sensex के तीस शेयरों में से इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank), नेस्ले इंडिया (Nestle India), टाटा स्टील (Tata Steel), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), इन्फोसिस (Infosys), डॉ. रेड्डीज (Dr Reddy's), टाइटन (Titan) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। वहीं एक्सिस बैंक (Axis Bank) और एशियन पेंट्स (Asian Paints) के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखी गई।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया, "ग्लोबल स्तर पर जारी संकट के कारण पैदा उठा-पटक को देखते हुए निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। साथ ही वे आर्थिक नरमी को लेकर भी चिंतित हैं। निवेशक महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले भी सतर्क हैं। इससे आईटी कंपनियों के बेहतर परिणाम आने शुरू होने का बाजार पर सकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया।"
उन्होंने कहा कि हालांकि दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में, भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली आक्रामक नहीं है। विदेशी निवेशक (FII) जो बिकवाली कर रहे हैं, काफी हद तक उसकी भरपाई घरेलू संस्थागत निवेशक कर दे रहे हैं। शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 2,139.02 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे।