Market Today: बेयर्स (मंदड़ियों) ने मार्केट पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। 26 सितंबर (सोमावार) को बाजार खुलते ही काफी दबाव दिखा। प्रमुख सूचकांक 1.5 फीसदी से ज्यादा टूट गए। BSE का 50 शेयरों वाला Sensex 1.64 फीसदी यानी 953.70 अंक लुढ़ककर 57,145.22 अंक पर आ गया। NSE का 50 शेयरों वाला NIFTY भी 1.79 फीसदी यानी 311 अंक गिरकर 17,016.30 अंक पर बंद हुआ।
सोमवार को घरेलू बाजार लगातार पांचवें दिन गिरकर बंद हुए। आईटी सेक्टर के सूचकांक को छोड़ सभी दूसरे सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। पिछले कई सत्रों से लगातार गिरावट के बाद बाजार के प्रमुख सूचकांक दो महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं।
Tata Motors, Adani Ports, Hindalco Industries, Maruti Suzuki और Eicher Motors के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। HCL Technologies, Infosys, Asian Paints, Divis Labs और UltraTech Cement के शेयर हरे निशान में बंद हुए।
BSE पर ऑटो, पावर, रियल्टी, मेटल और ऑयल एंड गैस सूचकांक 3-4 फीसदी गिर गए। बैंक कैपिटल गुड्स और एफएमसीजी सूचकांक में से दोनों 2-2 फीसदी गिरकर बंद हुए।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि 17,000 का स्तर टूटना तय लगता है। निफ्टी के 17,000 अंक के नीचे जाने के बाद निगाहें 16000 पर होंगी। इस बीच 16,650 पर अंतरिम सपोर्ट दिख रहा है। भारी दबाव के बीच 17,166 के स्तर पर यह देखना होगा कि बुल अपनी ताकत दिखा पाते है या नहीं और निफ्टी को 17,430 तक ले जा पाते हैं या नहीं।
इन वजहों से मार्केट में आई गिरावट:
अमेरिकी बाजारों से कमजोर संकेत
Dow Industrials को देखने से लगता है कि मार्केट बेयरिश जोन में जा चुका है। पूरे यूरोप में आर्थिक गतिविधियां घटी हैं। अमेरिका में सितंबर में लगतार तीसरे महीने आर्थिक गतिविधियों में कमी आई है। इससे अमेरिकी शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को डावो जोंस इंडस्ट्रिय एवरेज 2.35 फीसदी गिरा। यह कारोबार के दौरान जून के लो लेवल से नीचे जाना वाल पहला अमेरिकी सूचकांक बन गया। एसएंडपी 500 में 2.5 फीसदी गिरावट आई, जबकि Nasdqq Composite 2.55 फीसदी टूटा।
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी
रुपया 26 सितंबर को डॉलर के मुकाबले नए निचले लेवल पर पहुंच गया। अमेरिकी और घरेलू शेयर बाजारों में आई गिरावट का असर इस पर पड़ा। यह 81.55 के लेवल पर खुला। शुक्रवार को यह 80.99 पर बंद हुआ था। पिछले 9 कारोबारी सत्रों में यह 8 में गिरा है। इस दौरान इसमें करीब 2.28 फीसदी की गिरावट आई है।
RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की आशंका
RBI इस हफ्ते शुक्रवार को इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि यह बढ़ोतरी 0.50 फीसदी की हो सकती है। हालांकि, कुछ का यह भी मानना है कि इस बार केंद्रीय बैंक 0.35 फीसदी की वृद्धि रेपो रेट में करेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ाने में RBI दुनिया के दूसरे केंद्रीय बैंकों के मुकाबले पीछे है। इधर, इनफ्लेशन उसकी 2-6 फीसदी की टारगेट रेंज से ऊपर बना हुआ है।
अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इंटरेस्ट रेट में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने के संकेत दिए हैं। दरअसल, अमेरिका में इनफ्लेशन जब तक काबू में नहीं आ जाता फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी सख्त बनी रहेगी। अमेरिका में इंटरेस्ट बढ़ने का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।