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Sensex में 800 अंकों का उछाल, सरकारी बैंकों से तगड़ा सपोर्ट, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के करीब

Stock Market Rally: ट्रेडिंग की नई टाइमिंग के पहले दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी (Nifty) भी उछलकर 24600 के करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में शानदार रौनक है। मार्केट को तीन सेक्टर्स से तगड़ा सपोर्ट मिला। जानिए मार्केट में इस रौनक की पांच मुख्य वजह

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 03, 2026 पर 11:11 AM
Sensex में 800 अंकों का उछाल, सरकारी बैंकों से तगड़ा सपोर्ट, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के करीब
एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 166.49 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 78,094.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.45 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ था। आज ये मजबूत बढ़त के साथ खुले।

Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को टालने का ऐलान किया तो मार्केट में रौनक छा गई। कच्चे तेल की नरमी से इसे और सपोर्ट मिला। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24500 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% की बढ़त है। मार्केट पर आज ट्रेडिंग की टाइमिंग 10 मिनट बढ़ाने का भी असर दिख रहा है। आज से सेबी के नए ट्रेडिंग फ्रेमवर्क के तहत F&O ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़कर 03:40 PM तक हो गया और स्टॉक्स के मामले में बात करें तो जिन स्टॉक्स की एफएंडओ होती है, सिर्फ उनका लेन-देन 03:40 तक हो सकेगा। सुबह वाली टाइमिंग पहले की ही तरह रहेगी।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:54 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 629.57 प्वाइंट्स यानी 0.81% के उछाल के साथ 78,724.21 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 206.60 प्वाइंट्स यानी 0.85% की बढ़त के साथ 24,590.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800.46 प्वाइंट्स उछलकर 78,895.10 और निफ्टी 212.20 प्वाइंट्स चढ़कर 24,595.80 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में गिरावट: वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5% टूटकर प्रति बैरल $84 के नीचे आया तो मार्केट को सपोर्ट मिला। कच्चे तेल में यह गिरावट भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए पॉजिटिव है।

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