Share Market Insights : बाजार में एक भारी करेक्शन के बाद अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। पिछले एक हफ्ते से मार्केट इंडेक्स में कंसोलिडेट कर रहा है। लेकिन शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मूव्स देखने को मिले हैं। इस तरह के बाजार में लॉन्ग शॉर्ट फंड्स के लिए अच्छे मौके होते हैं। ASK Hedge Solutions के CEO वैभव सांघवी के पास एक लॉन्ग शॉर्ट फंड का एडवांटेज है। ऐसे में बाजार की आगे की चल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च में हमने भारी गिरावट देखी और अप्रैल में बेहतरीन रिकवरी भी देखी है। इसके बाद जो कंसोलिडेशन हुआ है वो कंसोलिडेशन हेडलाइन इंडेक्स में हुआ है। ब्रॉडर मार्केट में अभी भी मोमेंटम दिख रहा है। ओवरऑल बेसिसपर ये उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट संघर्ष का जल्द ही कोई समाधान होगा। बाजार में यहां से कुछ करेक्शन हो सकता है।
अभी तक जो नतीजे आए हैं और उनके मनेजमेंट की जो कमेंट्री आई है, वह भी बाजार के नजरिए से उत्साहजनक रही है। इसके देखते हुए लगता है कि बाजार का ये मोमेंटम बरकरार रह सकता है। हालांकि,अभी तक एफआईआई की बिकवाली थमी नहीं है, इसलिए हमें हेडलाइन इंडेक्स कंसोलीडेट होते दिख रहे हैं। एफआईआई की सेलिंग की वजह से फ्रंटलाइन स्टॉक्स पर दबाव देखने को मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त के कारण इस से जुड़े शेयरों में पिछले दो महीनों में काफी करेक्शन आया है। इसके बावजूद इनके तिमाही नतीजे अच्छे रहे हैं। कंपनियों की कमेंट्री भी अच्छी रही है। इन कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट की कीमतें भी बढ़ाई हैं। ऐसे में इनके मार्जिन पर बहुत असर पड़ने की संभावना नहीं हैं। ऐसे में अगर आगे तेल की कीमतों में गिरावट होती है तो इनकी अर्निंग में भी मजबूती आएगी। आगे हमें अब तक काफी पिट चुके ओएमसी शेयर आगे बढ़ते दिख सकते हैं। लेकिन हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि ये सेक्टर काफी वोलेटाइल रहेगा और इवेंट ड्रिवन रहेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही इनमें ट्रेड करें।
बड़े प्राइवेट बैंकों पर अपनी राय देते हुए वैभव सांघवी ने कहा कि तमाम दिक्कतें दूर होने के बावजूद ये शेयर चल नहीं पा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वडह ये है कि इनमें एफआईआई का काफी बड़ा निवेश है। एफआईआई की भारी बिकवाली के कारण ये सेक्टर चल नहीं पा रहा है। हालांकि इनके फंडामेंटल्स बहुत अच्छे दिख रहे हैं। इनका वैल्यूएशन भी अच्छा हो गया है।
जिस हिसाब से इंडियन इकॉनमी बढ़ रही है,क्रेडिट ग्रोथ बढ़ रही है और जिस हिसाब से रेगुलेटर्स भी छूट दे रहे हैं, उसको देखते हुए लगता है कि यह सेक्टर फंडामेंटली बहुत ही बेहतरीन है। हालांकि एफआईआई की बिकवाली के कारण इनका समय अभी खराब चल रहा है। हमें यह नहीं पता है कि एफआईआई कब वापसी करेंगे। ऐसे में इन शेयरों पर अभी कोई कॉल लेना मुश्किल लग रहा है।
मार्च-अप्रैल का महीना बाजार को एक बड़ी सीख दे कर गया है। खराब जियोपोलिटिकल माहौल और क्रूड की बढ़ती कीमतों के दौर में पावर, एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इससे हमें ये सीख मिली है कि अपने पोर्टफोलियो में इन शेयरों को थोड़ी अच्छी जगह देने की जरूरत है। आगे हमें इथेनॉल और ईवी स्टोरी पर ध्यान देनें की जरूरत है। लेकिन वैकल्पिक ऊर्जा या एनर्जी सेक्टर के पावर स्टॉक्स काफी दौड़ चुके हैं। इनके वैल्यूशन लॉन्ग टर्म एवरेज के करीब हैं।
इसके अलावा डेटा सेंटर थीम से हमें काफी उम्मीद दिख रही है। बढ़ती गर्मी से पावर की मांग बढ़ती दिख रही। एनर्जी ट्रांसमिशन सो जुड़ी सरकार की नीति से भी इस सेक्टर को फायदा होगा। अगले 10 साल सरकार का एनर्जी ट्रांसमिशन पर बड़ा फोकस रहेगा। इसको देखते हुए लगता है कि पावर एंड पावर एंसिलरी सेक्टर में मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। ये सिर्फ भारत की बात नहीं है। पूरी दुनिया में एनर्जी को लेकर बड़े बदलाव आ रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर पावर और पावर यूटिली कंपनियों में तेजी देखने को मिल रही है। लंबी अवधि में ये सेक्टर फास्ट मूविंग सेक्टर रहेगा।
वैभव वैभव सांघवी को कैपिटल मार्केट शेयर भी अच्छे लग रहे हैं। इस सेक्टर में एएमसी, ब्रोकरेज और डिपॉजिटरी कंपनियां ज्यादा अच्छी दिख रही है। उनका मानना है कि इस सेगमेंट की वो कंपनियां ज्यादा अच्छा करेंगी जो टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर फोकस करेंगी।
वैभव सांघवी को फार्मा में सीडीएमओ,हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक स्पेस के शेयर ज्यादा पसंद हैं। इसके अलावा जिस तरह से डेटा सेंटर थीम सेक्टर चल रहा है उसको देखते हुए लगता है कि आगे डीजल जनसेट्स, स्विच गियर इक्विपमेंट्स ट्रांसमिशन चिलर्स और कूलिंग इक्विपमेंट्स बनाने वाली सप्लाई चेन एक अच्छी थीम बन सकती है। हालांकि ये स्टॉक्स काफी चल चुके हैं। ऐसे में इनमें करेक्शन का इंतजार करने की सलाह होगी।
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