लगातार 4 हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक, 43 स्मॉलकैप स्टॉक 10-26% भागे

अमोल अठावले का कहना है कि बाजार का मीडियम टर्म फॉर्मेशन अभी भी पॉजिटीव दिख रहा है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में आने वाली किसी गिरावट पर खरीदारी और उछाल में बिकवाली ट्रेडर्स के लिए सबसे बेहतर रणनीति होगी

अपडेटेड Nov 19, 2022 पर 11:29 AM
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अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.3 फीसदी और निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.7 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए।

लगातार 4 हफ्तों की तेजी के बाद 18 नवंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते में बाजार का जोश ठंडा होता नजर आया और यह हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। 18 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में सेंसेक्स 131.56 अंक यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 61,663.48 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 41 अंक यानी 0.22 फीसदी की गिरावट के साथ 18,307.7 के स्तर पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.3 फीसदी और निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.7 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए। वहीं दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया इंडेक्स 5.3 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 2 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 2 फीसदी, एनर्जी इंडेक्स में 1.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। 18 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में एफआईआई ने भारतीय बाजारों में 349.2 करोड़ रुपये की खरीदारी की जबकि डीआईआई ने भी 2,274.97 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

18 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.8 फीसदी टूटकर बंद हुआ। Chemcon Speciality Chemicals, SMS Pharmaceuticals, Kopran, Gayatri Projects, Nureca, Ashiana Housing और Cressanda Solution मे 15-22 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ Kamdhenu, Kirloskar Oil Engines, GOCL Corporation, Rail Vikas Nigam, Alicon Castalloy, Atul Auto, JTEKT India, Tanfac Industries, Timken India और Hindustan Construction Company में 20-26 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।

Kotak Securities के अमोल अठावले ने कहा कि बीते हफ्ते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मीडिया इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली और यह 5 फीसदी से ज्यादा टूटा। जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ आउटपरफॉर्मर रहा। हफ्ते की शुरुआत में 18400 के पास स्थिति रजिस्टेंस जोन में निफ्टी में लगातार मुनाफावसूली देखने को मिली। तकनीकी नजरिए से देखें तो वीकली चार्ट पर इंट्राडे रिवसल फॉर्मेशन और बियरिश कैंडल इस बात का संकेत है कि बाजार में तेजी रहेगी या गिरावट आएगी इसको लेकर स्थितियां साफ नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि बाजार का मीडियम टर्म फॉर्मेशन अभी भी पॉजिटीव दिख रहा है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में आने वाली किसी गिरावट पर खरीदारी और उछाल में बिकवाली ट्रेडर्स के लिए सबसे बेहतर रणनीति होगी। ट्रेडर्स के लिए 18200 पर सपोर्ट नजर आ रहा है। जबकि ऊपर की तरफ 18400 और 18550 पर रजिस्टेंस दिख रहा है। अगर निफ्टी 18100 के नीचे फिसलता है तो यह कमजोरी बढ़ सकती है।

इस हफ्ते बीएसई 500 इंडेक्स में 0.68 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। One 97 Communications (Paytm), Star Health & Allied Insurance Company, Sun TV Network, DCM Shriram, Deepak Fertilizers, Chalet Hotels, Restaurant Brands Asia, EIH and Thermax slipped शेयर 10-13 फीसदी टूटे। जबकि ail Vikas Nigam, Timken India, Ircon International, Housing & Urban Development Corporation, Redington, Indian Railway Finance Corporation, IFB Industries, IIFL Finance में 10-23 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।

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आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Emkay Wealth Management के Joseph Thomas का कहना है कि अब बाजार की नजर यूरोपीय बाजार की गतिविधियों और आगे की नीतियों पर यूएस फेड के अधिकारियों के बयान पर रहेगी। बाजार में आम धारणा है कि इस समय महंगाई अपने पीक पर पहुंच चुकी है। लेकिन सेंट्रल बैंक अभी भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखेंगे। हालांकि बढ़ोतरी की मात्रा में थोड़ी कमी आ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान केंद्रीय बैंकों की आक्रामक मौद्रिक नीति के चलते ग्रोथ में कुछ सुस्ती के संकेत मिलते नजर आ सकते है। अब बाजार की नजर आगे आनेवाले उन अहम आंकड़ों पर होगी जिनसे महंगाई की आगे की दिशा और मौद्रिक नीतियों के रुझान का अंदाजा लगाया जा सकें।

Religare Broking के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार की वर्तमान स्थिति आगे भी जारी रहने की संभावना नजर आ रही है । अब निफ्टी को बढ़त हासिल करने के लिए मजबूती के साथ 18450 का स्तर पार करना होगा। ऐसे में हमारी सलाह होगी कि सेक्टर विशेष और स्टॉक विशेष पर ही दांव लगाने की रणनीति पर कायम रहे। हमें तमाम सेक्टरों पर ब्रेकआउट फेल होते नजर आए है। ऐसे में हमें जोखिम प्रबंधन के सभी उपाय भी अपनाने चाहिए।

Sharekhan के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि 18 नवंबर को खत्म हुए हपफ्ते में निप्टी में सुस्ती देखने को मिली और अंतत यह लाल निशान में बंद हुआ। शॉर्ट टर्म मोमेंटम इंडिकेटर निगेटिव डायवर्जन दिखा रहे है जो आगे बाजार में कमजोरी आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी हमें नीचे की तरफ 18100-18000 की तरफ जाता नजर आ सकता है जबकि ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 18450 पर रजिस्टेंस दिख रहा है। शॉर्ट टर्म में बाजार में कोई बड़ी गिरावट भी मुमकिन है।

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