Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बॉन्ड यील्ड में उछाल ने मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि आज भी यह संभल नहीं पाया। सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 22600 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का भारी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉल कैप 100 लाल हैं। इस दबाव में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में ही करीब ₹5 लाख करोड़ घट गया यानी निवेशकों की दौलत करीब ₹5 लाख करोड़ कम हो गई।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें फिलहाल 09:36 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 616.14 प्वाइंट्स यानी 0.85% की गिरावट के साथ 72,155.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 184.80 प्वाइंट्स यानी 0.81% की फिसलन के साथ 22,595.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 707.72 प्वाइंट्स टूटकर 72,064.00 और निफ्टी भी 210.60 प्वाइंट्स गिरकर 22,569.65 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा, जिससे मार्केट सहम गया। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिलहाल प्रति बैरल $100 के करीब है।
अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड उछलकर 5% के पार बनी हुई है, जिससे शेयर मार्केट में दबाव बढ़ा है।
एक कारोबारी दिन पहले 28 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे दिन ताबड़तोड़ भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली की, जिसका दबाव आज दिख रहा है। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने ₹5,353.22 करोड़ की नेट बिक्री की जबकि इससे पहले शुक्रवार 25 सितंबर को एफआईआई ने ₹3,693.93 करोड़ और गुरुवार 24 सितंबर को 5,027.36 करोड़ के नेट शेयर बेचे थे।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव
फार्मा को छोड़कर फिलहाल लगभग सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल हैं। हालांकि सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही उठा-पटक है।
आज निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्सेज के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है और साथ ही एनएसई पर स्टॉक्स के भी F&O की मंथली एक्सपायरी है, जिसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है। एक्सपायरी का मतलब है कि ट्रेडर्स को एनएसई पर सितंबर महीने की अपनी डेरिवेटिव पोजिशन को आज खत्म करना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।