Share Market Crash: बॉन्ड यील्ड में उछाल और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार का दबाव ढीला नहीं हो पा रहा। आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन मार्केट में बिकवाली का ऐसा दबाव दिखा कि इस महीने के पहले और इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स इंट्रा-डे में 1187 प्वाइंट्स टूट गए तो निफ्टी भी फिसलकर 22250 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव रहा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100, दोनों 1-1% की गिरावट के साथ बंद हुए।
अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें आज 1 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 570.59 प्वाइंट्स यानी 0.79% की गिरावट के साथ 71,909.70 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 198.50 प्वाइंट्स यानी 0.88% की फिसलन के साथ 22,421.95 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1187.41 प्वाइंट्स टूटकर 71,292.88 और निफ्टी 403.15 गिरकर 22,217.30 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
10-साल के अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5% के पार बनी हुई है, जिससे मार्केट पर दबाव भी बना हुआ है।
बॉन्ड यील्ड की मजबूती और जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता पर विदेशी निवेशकों ने बुधवार 30 सितंबर को भी भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज बिकवाली की और ₹10,148.41 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा है। इस बिकवाली के साथ लगातार पांच कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने ₹34,203.14 करोड़ भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिए।
सेक्टरवाइज मार्केट को आज सबसे अधिक ऑटो सेक्टर ने तोड़ा। सितंबर महीने की बिक्री के सुस्त आंकड़े पर निफ्टी ऑटो 3% से अधिक कमजोर हुआ। साथ ही निफ्टी मेटल भी 2% कमजोर हुआ तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आए और निफ्टी पीएसयू बैंक 1% कमजोर हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक फ्लैट रहा। वहीं दूसरी तरफ आईटी सेक्टर में रौनक रही और निफ्टी आईटी 2% से अधिक मजबूत हुआ।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। आज यह 7.02% की तेजी के साथ 14.44 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 15.69 तक पहुंचा था। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है, जिसका मार्केट पर असर दिख रहा है। एक्सपायरी का मतलब 1 अक्टूबर को एक्सपायर होने वाले F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) को आज स्क्वॉयर ऑफ करना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।