Share Market Crash: 4 वजह से Nifty आया 23700 के नीचे, US-Iran War की आंच में 464 प्वाइंट्स झुलसा Sensex

Share Market Crash: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज 8 सितंबर को मार्केट में बिकवाली का ऐसा दबाव आया कि सेंसेक्स (Sensex) 464 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 23700 के नीचे आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव समेत चार ऐसी वजहें है, जिन्होंने आज मार्केट पर दबाव बनाया। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 11:49 AM
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एक कारोबारी दिन पहले 7 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 382.62 प्वाइंट्स यानी 0.50% की गिरावट के साथ 76,132.81 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 118.55 प्वाइंट्स यानी 0.50% की फिसलन के साथ 23,779.15 पर बंद हुआ था। आज ये लाल खुले।

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल में उबाल बढ़ाया तो इसकी आंच में स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 464 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर गिरावट का दबाव थोड़ा हल्का है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 429.24 प्वाइंट्स यानी 0.56% की गिरावट के साथ 75,703.57 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 105.20 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 23,673.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 464.33 प्वाइंट्स टूटकर 75,668.48 और निफ्टी 122.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,657.15 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

कच्चे तेल में उछाल

पश्चिची एशिया में बढ़ते तनाव पर कच्चा तेल उबल रहा, जिसकी आंच में मार्केट झुलस रहा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $98 के पार चला गया। ईरान ने धमकी दी है कि उस पर कोई भी नया हमला होता है, तो वह भी खाड़ी देशों में अमेरिकी हितों से जुड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करेगा।


प्राइवेट बैंकों और ऑटो सेक्टर ने बनाया दबाव

मार्केट पर आज प्राइवेट बैंकों और ऑटो सेक्टर ने तगड़ा दबाव बनाया। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑटो में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव पड़ा। फिलहाल यह 0.60% की बढ़त के साथ 11.23 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश मोमेंटम हासिल करने के लिए 23800 का लेवल पार करना होगा। च्वाइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेजेज के नीचे है, जिससे मार्केट पर दबाव बना हुआ है। हितेश के मुताबिक इसे 23,650–23,700 तत्काल सपोर्ट दिख रहा है तो 23,950–24,000 पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है। हितेश के मुताबिक अगर सपोर्ट जोन बना रहता है तो यह वापसी कर सकती है जबकि 23650 का लेवल नीचे की तरफ टूटा तो इसमें और गिरावट आ सकती है। हितेश के मुताबिक ओवरऑल नियर टर्म रुझान सतर्कता से बेयरेश का है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड ऑफ प्राइस रिसर्च देवर्श वकील के मुताबिक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेजेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। देवर्श का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले निफ्टी ने 23,786 का लेवल तोड़ दिया, जिससे इसके अगले सपोर्ट जोन 23,600 का रास्ता खुल गया। वहीं ऊपर की तरफ 24,000 का लेवल नियर टर्म में रिकवरी की कोशिशों को लेकर अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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