Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल में उबाल बढ़ाया तो इसकी आंच में स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 579 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23650 के नीचे आ गया था और दिन के आखिरी में ये आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए।। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 579.46 प्वाइंट्स टूटकर 75,553.35 और निफ्टी 156.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,623.10 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
पश्चिची एशिया में बढ़ते तनाव पर कच्चा तेल उबल रहा, जिसकी आंच में मार्केट झुलस रहा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $98 के पार चला गया। ईरान ने धमकी दी है कि उस पर कोई भी नया हमला होता है, तो वह भी खाड़ी देशों में अमेरिकी हितों से जुड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करेगा।
प्राइवेट बैंकों ने बनाया दबाव
सेक्टरवाइज फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर की रिकवरी ने मार्केट को संभालने की कोशिश की लेकिन हैवीवेट प्राइवेट बैंकों की बिकवाली भारी पड़ गई। निफ्टी फार्मा में आज आधे फीसदी से अधिक बढ़त रही तो एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन बंद हुए। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ।
आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी थी तो इसके चलते मार्केट पर दबाव दिखा। एक्सपायरी का मतलब है कि निफ्टी के वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वे पोजिशन आज बंद हुई, जिनकी एक्सपायरी डेट 8 सितंबर थी।
एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश मोमेंटम हासिल करने के लिए 23800 का लेवल पार करना होगा। च्वाइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेजेज के नीचे है, जिससे मार्केट पर दबाव बना हुआ है। हितेश के मुताबिक इसे 23,650–23,700 तत्काल सपोर्ट दिख रहा है तो 23,950–24,000 पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है। हितेश के मुताबिक अगर सपोर्ट जोन बना रहता है तो यह वापसी कर सकती है जबकि 23650 का लेवल नीचे की तरफ टूटा तो इसमें और गिरावट आ सकती है। हितेश के मुताबिक ओवरऑल नियर टर्म रुझान सतर्कता से बेयरेश का है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड ऑफ प्राइस रिसर्च देवर्श वकील के मुताबिक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेजेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। देवर्श का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले निफ्टी ने 23,786 का लेवल तोड़ दिया, जिससे इसके अगले सपोर्ट जोन 23,600 का रास्ता खुल गया। वहीं ऊपर की तरफ 24,000 का लेवल नियर टर्म में रिकवरी की कोशिशों को लेकर अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।