सिम्फनी के शेयरों को 8 सितंबर को बाजार खुलते ही पंख लग गए। एक समय शेयर 14 फीसदी तक चढ़ गए। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। इसकी वजह कंपनी का एक बड़ा ऐलान है। कंपनी ने कहा है कि वह अब रूम एयर कंडिशनर, ब्रशलेस डायरेक्ट करेंट (बीएलडीसी) सीलिंग फैन और एयर फ्यरिफायर्स भी बनाएगी।
2024 के बाद शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी
Symphony एयर कूलर सहित कई कूलिंग प्रोडक्ट्स बनाती है। एसी और दूसरे प्रोडक्ट्स में कंपनी की एंट्री के ऐलान का असर 8 सितंबर को इसके शेयरों पर पड़ा। 6 अगस्त, 2024 के बाद इस शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली। इससे पहले 6 अगस्त, 2024 को शेयर एक दिन में 18.9 फीसदी उछला था।
कंपनी पोर्टफोलियो के विस्तार से लिए आंतरिक स्रोतों से पूंजी जुटाएगी
सिम्फनी ने लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए अपने प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो को बढ़ाने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी आतंरिक स्रोतों से पूंजी जुटाएगी। कंपनी ने कहा है कि उसका बिजनेस एसेट-लाइट मॉडल बना रहेगा। उसका अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में अभी निवेश नहीं करने का प्लान है।
इस साल दिसंबर तिमाही में लॉन्च होंगे नए प्रोडक्ट्स
कंपनी ने बताया है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की तीसरी तिमाही में वह नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना शुरू कर देगी। ग्राहकों के रिस्पॉन्स के आधार पर वह नए प्रोडक्ट्स बिजनेस का विस्तार करेगी। ब्रोकरेज फर्म इक्विरस ने कहा है कि कंपनी पहले से टावर और किचेन फैंस बनती है। ऐसे में बीएलडीसी सेगमेंट में उसकी एंट्री स्वाभाविक है। उसने यह भी कहा है कि एयर फ्यूरिफायर्स एक छोटी कैटेगरी है, जिससे इस मार्केट में जगह बनाने में कई साल लग सकते हैं।
कंपनी को FY27 बेहतर रहने की उम्मीद
सिम्फनी के एन शाह ने 5 अगस्त को सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा था कि कंपनी के घरेलू बिजनेस में दूसरी तिमाही में वॉल्यूम के लिहाज से 15 फीसदी ग्रोथ दिखी है। उन्होंने यह भी कहा था कि मध्यपूर्व में क्राइसिस की वजह से कंपनी खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा था कि उन्हें FY27 कंपनी के लिए बेहतर रहने की उम्मीद है।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव
8 सितंबर को Symphony का शेयर एक समय 13.9 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी 12 बजे शेयर का प्राइस 6.12 फीसदी के उछाल के साथ 609 रुपये पर चल रहा था। इस साल यानी 2026 में इस शेयर का प्रदर्शन खराब रहा है। इस दौरान यह 30 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 8 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स पर लगातार दूसरे दिन दबाव दिखा।