28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में उठापटक का जबरदस्त खेल देखने को मिला। लाल निशान में शुरुआत करने वाला बाजार बीच में हरे निशान में पहुंचा और फिर गिरावट में आ गया। इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के 32400 करोड़ रुपये साफ हो गए। मंगलवार को सेंसेक्स गिरावट के साथ 77,094.79 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 330 अंकों तक लुढ़ककर 76,973.54 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,049.90 पर खुला और पिछली क्लोजिंग से 93.45 अंक गिरकर 23,999.25 के लो तक गया।
इसके बाद बाजार हरे निशान में आया। सेंसेक्स दिन के लो से 520 अंक रिकवर हुआ और 77,493.53 के हाई तक गया। निफ्टी ने भी 24,181.80 का हाई देखा। लेकिन इसके बाद बाजार ने फिर पलटी मारी और सेंसेक्स दिन के हाई से 752.47 अंक तक लुढ़ककर 76,741.06 के लो तक गया। निफ्टी भी दिन के हाई से 224.75 अंक टूटकर 23,957.05 के लो तक गया। बाद में सेंसेक्स 416.72 अंकों की गिरावट के साथ 76,886.91 पर और निफ्टी 97 अंकों की गिरावट के साथ 23,995.70 पर सेटल हुआ।
बाजार बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,66,93,792.62 करोड़ रुपये रह गया। एक दिन पहले यह 4,67,26,255.207 करोड़ रुपये था। यानि कि मार्केट कैप में 32,462.587 करोड़ रुपये की कमी आई।
बाजार में लौटी गिरावट के पीछे कई वजह रहीं। सेंसेक्स और निफ्टी जब बीच में हरे निशान में आए तो लगा कि बाजार लगातार दूसरे दिन ग्रीन जोन में क्लोजिंग करेगा। लिहाजा प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भी सेंटिमेंट बिगड़ा। ब्रेंट क्रूड का भाव 0.99 प्रतिशत बढ़कर 109.3 डॉलर प्रति बैरल हो गया। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली भी एक वजह रही। उन्होंने सोमवार को भारतीय बाजार में 1,151.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके अलावा एशियाई बाजारों की गिरावट, रुपये की कमजोरी, Nifty की एक्सपायरी, वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर अनिश्चितता, बैंकिंग शेयरों में गिरावट का भी सेलिंग प्रेशर बढ़ने में हाथ रहा।
पश्चिम एशिया के हालात की बात करें तो एक अमेरिकी अधिकारी ने संकेत दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के उस ताजा प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना कम है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम को रोके बिना ही संघर्ष को समाप्त करने की बात कही गई है। कूटनीतिक मुलाकातों के रद्द होने से इस विवाद के जल्द सुलझने की उम्मीदें भी कम हो गई हैं।
एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार का हाल
सोमवार, 27 अप्रैल को 3 दिन की गिरावट के बाद सेंसेक्स 639.42 अंक या 0.83 प्रतिशत उछलकर 77,303.63 पर बंद हुआ था। निफ्टी 194.75 अंक या 0.81 प्रतिशत बढ़कर 24,092.70 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 2 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.35 प्रतिशत की तेजी पर रहा।
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