Share Market Crash: मोहर्रम के दिन शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद था जिसके चलते शनिवार और रविवार को मिलाकर लगातार तीन दिन मार्केट बंद रहा। अब आज जब यह खुला तो दुनिया के अधिकतर बाजारों से बिकवाली के दबावों के बीच यह ग्रीन खुला। हालांकि फिर घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। दिन के हाई से सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 24100 के पार जाने के बाद फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।
घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:33 PM पर सेंसेक्स 309.02 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 76791.45 और निफ्टी 76.50 प्वाइंट्स यानी 0.32%% की फिसलन के साथ 23,979.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 152.32 प्वाइंट्स चढ़कर 77,252.78 तक पहुंचा था जिससे यह 629.40 प्वाइंट्स टूटकर 76,623.38 तक आ गया तो निफ्टी भी 64.00 प्वाइंट्स उछलकर 24,120.00 तक जाने के बाद वहां से 194.60 प्वाइंट्स गिरकर 23,925.40 तक आ गया।
Share Market Fall: इस कारण आया दबाव
मार्केट में आज शुरुआती कारोबार में हल्की-फुल्की रौनक दिखी थी जिसके चलते ऊपरी स्तर से मार्केट फिसल गया।
एक बार फिर सीजफायर टूटने के बाद दोबारा शांति के लिए अमेरिका और ईरान सहमत हुए तो मार्केट में रौनक लौटी लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। इसके चलते कच्चा तेल उबल पड़ा और ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $73 के पार चला गया जिसने मार्केट पर दबाव बनाया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि मार्केट के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मानसून में भारी कमी (43%) है। इसने मार्केट पर दबाव बनाया।
ऑटो और सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली का दबाव
फार्मा शेयरों में आज खरीदारी का शानदार रुझान है और इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 2% मजबूत हुआ है। हालांकि ऑटो, पीएसयू बैंकों और आईटी शेयरों में बिकवाली ने इस पर काफी दबाव बना दिया है। निफ्टी ऑटो में फिलहाल डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी पीएसयू बैं में 1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया है।
किस तरफ बढ़ सकता है मार्केट
चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर टिके रहने में नाकामी से आने वाले समय में कंसोलिडेशन जारी रहने का संकेत मिल रहा है। च्वाइस ब्रोकिंग के मुताबिक 23,800–23,750 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है, और मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर जाने पर 24,500–24,600 और उसके बाद 24,800 की तरफ जाने का रास्ता खुल सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक आने वाले दिनों में वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के नतीजों की उम्मीदें बाजार पर असर डालेंगी और कई शेयरों में खास हलचल देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।