Share Market Crash: शेयर बाजार गुरुवार 28 नवंबर को अपनी शुरुआती बढ़त खोकर धड़ाम से गिर गए। सेंसेक्स जहां 1,100 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी 1 फीसदी से अधिक का गोता लगाकर 24,000 के नीचे चला गया। इस गिरावट की अगुआई आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों ने की। इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर 2 फीसदी से अधिक लुढ़क गए। हालांकि ब्रॉडर मार्केट में हरियाली छाई हुई है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.05 और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
दोपहर 2.25 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स करीब 1,077 अंक गिरकर 79,156.36 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 323 अंक टूटकर 23,952.05 के स्तर पर आ गया था। आइए जानते हैं शेयर बाजार में आज की गिरावट के 4 सबसे बड़े कारण
1. ट्रंप की इंपोर्ट ट्यूटी से जुड़ी धमकियां
2. ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता
अमेरिका का PCE इंफ्लेशन इंडेक्स अक्टूबर में बढ़कर 2.8 फीसदी पर पहुंच गया। इसके अलावा ट्रंप के इंपोर्ट टैरिफ लगाने के ऐलान से निकट भविष्य में महंगाई दर के बढ़ने की आशंका और तेज हो गई है। इसके चलते ब्याज दरों में आगे और कटौती को लेकर अनिश्चितता बन गई है। साथ ही डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी जा रही है। यह आईटी और अमेरिकी मार्केट पर फोकस करने वाली कंपनियों के लिए एक और झटका है।
ग्लोबल बाजारों में गिरावट से भी शेयर बाजार में आज निवेशकों का मनोबल कमजोर रहा। लगभग सभी प्रमुख एशियाई देशों के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इवान, हांगकांग, चीन और कोरिया के बाजारों में आज 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई। वहीं इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
4. FII की खरीदारी पड़ी कमजोर
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इस हफ्ते के पहले 2 दिन अच्छी खरीदारी की, लेकिन अब वह एक बार फिर से 'देखो और इंतजार करो' के मोड में चले गए। मार्केट एनालिस्ट्स ने बताया कि MSCI इंडेक्स में बदलाव के कारण विदेशी पैसिव म्यूचुअल फंडों ने इस हफ्ते की शुरुआत में खरीदारी की। इसके अलावा अभी तक उनकी वापसी के कोई संकेत नहीं मिले हैं। डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी FPIs निवेशकों को आक्रामक होने से रोक रहा है। वह कोई बड़ा निवेश करने से पहले ट्रंप की नीतियों और उसके ग्लोबल मार्केट्स पर असर दिखने का इंतजार कर रहे हैं।
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