Share Market Crash: शेयर बाजार इन 3 कारणों से धड़ाम, सेंसेक्स 650 अंक टूटा, निफ्टी 25800 के नीचे

Share Market Down: भारतीय शेयर बाजार में आज 12 फरवरी को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,850 के नीचे चला गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।

अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 4:20 PM
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Share Market Down: भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली

Share Market Down: भारतीय शेयर बाजार में आज 12 फरवरी को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 650 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,800 के नीचे चला गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। निफ्टी पर टेक महिंद्रा, इंफोसिस और विप्रो जैसे आईटी शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 558.72 अंक या 0.66 प्रतिशत टूटकर 83,674.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 146.65 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 25,807.20 पर आ गया।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 3 बड़े कारण रहे-


1. आईटी शेयरों में मचा कोहराम

भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स कारोबार के दौरान 4.5 प्रतिशत तक लुढ़क गया। बिरला सॉफ्ट, KPIT टेक, कोफोर्ज, LTI माइंडट्री, इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस और टाटा एलेक्सी समेत अधिकतर आईटी शेयर 5 से 6 प्रतिशत तक गिर गए।

यह गिरावट अमेरिकी स्टॉक मार्केट में आईटी शेयरों की गिरावट के बाद आई। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ी चुनौतियों और अमेरिका में ब्याज दरें घटने की कम संभावना को देखते हुए निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर मुनाफावसूली की।

वेंचुरा सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च विनीत बोलिंजकर ने रॉयटर्स से कहा, “यह बाजार की घबराहट में की गई बिकवाली और आईटी सेक्टर के सामने खड़े असली खतरे की चिंता, दोनों का मिला-जुला असर है।” उन्होंने कहा कि AI-आधारित ऑटोमेशन बड़ी भारतीय आईटी कंपनियों के उन बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर रहा है, जो ज्यादा मानव श्रम पर आधारित हैं। इससे बिल योग्य काम के घंटे और कर्मचारियों की संख्या में कमी आ सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स, वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका में 1,30,000 नई नौकरियों का जुड़ना और बेरोजगारी दर का 4.3 प्रतिशत तक गिरना संकेत देता है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती मुश्किल है। इससे टेक शेयरों पर दबाव बना रह सकता है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका के ताजा रोजगार आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने 1,30,000 नई नौकरियां जुड़ीं और बेरोजगारी दर घटकर 4.3% हो गई। इससे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती नहीं कर सकता। भारत में भी लगता है कि ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म हो चुका है, क्योंकि आर्थिक ग्रोथ अच्छी है और महंगाई वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक RBI के लॉन्ग-टर्म लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है।”

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी ने भी शेयर बाजार का मूड बिगाड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का बाव 0.46 प्रतिशत बढ़कर 69.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों से तेल की कीमतों को मजबूती मिली। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए क्रूड का महंगा खराब माना जाती हैं, क्योंकि इससे चालू खाता घाटा और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।

3. कमजोर ग्लोबल संकेत

ग्लोबल शेयर बाजारों से भी आज भारतीय मार्केट को कोई सपोर्ट नहीं मिली। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहा था। इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

अब आगे क्या?

HDFC सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड, देवर्ष वकील के ने बताया कि निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर है और कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। निफ्टी के लिए 26,000 के आसपास तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकता है तो 26,373 के रिकॉर्ड उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि नीचे की ओर 25,700–25,780 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

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