घरेलू ब्रोकिंग फर्म एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HDFC Securities) का मानना है कि इस समय निफ्टी का वैल्यूएशन काफी महंगा दिख रहा है। ऐसे में अगले साल इसमें किसी बड़ी बढ़ोतरी की बहुत कम गुंजाइश बचती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने निफ्टी का कोई निश्चित टारगेट नहीं दिया है। हालांकि उसका कहना है कि निफ्टी में अगले साल मौजूदा स्तर से 8-10 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के हेड उन्मेश शर्मा ने कहा, "निफ्टी इंडेक्स इस समय वित्त वर्ष 2024 के ईपीएस के 23 गुना और वित्त वर्ष 2025 के ईपीएस के 20 गुना पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में इसमें अगले 12 महीनों में सीमित बढ़त की संभावना दिख रही है।" उन्होंने आगे कहा कि लाल सागर में सप्लाई से जुड़ी बाधाएं थोड़ी चिंताजनक हैं लेकिन जब तक कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है, भारत बेहतर स्थिति में रहेगा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज का यह भी कहना है कि अगले साल बाजार की चाल एक समान नहीं होगी। खासकर 2024 की पहली छमाही में बाजार काफी ऊपर नीचे हो सकता है। बॉन्ड बाजार को उम्मीद है कि फरवरी-मार्च में ही अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो फेडरल रिजर्व ने जो संकेत दिया है उससे कहीं पहले ही दरों में कटौती शुरू हो जाएगी।
उन्मेश शर्मा ने आगे कहा, "अगर बॉन्ड यील्ड उतनी तेजी से नहीं गिरती जितनी बाजार सोच रहा है, तो उभरते बाजारों में कम पैसा आएगा।" वर्तमान में, बेंचमार्क यूएस 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड जुलाई के बाद से अपने सबसे निचले स्तर के करीब मंडरा रही है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की राय है कि आय में मजबूत ग्रोथ और तुलनात्मक रूप बेहतर वैल्यूएशन के कारण लार्ज-कैप शेयर मिड-कैप और स्मॉल-कैप की तुलना में बेहतर नजर आ रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मिड और स्मॉल कैप की रैली अब खत्म हो गई है। कैलेंडर वर्ष 2023 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप में तेजी देखने को मिली है और इस सेगमेंट के बहुत सारे स्टॉक मल्टीबैगर बन गए हैं। 1 जनवरी से निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 44.13 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 55.51 फीसदी भागा है।
शर्मा ने आगे कहा कि लगातार तेजी के बावजूद हम यह नहीं कह सकते मिड और स्मॉलकैप की रैली खत्म हो गई है। इस समय घरेलू बाजार में काफी ज्यादा नकदी है जो देश से बाहर भी नहीं जा सकती। इस नकदी से मिड और स्मॉल-कैप को फायदा होता दिखेगा। उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2024 और 2025 में बीएफएसआई, इंडस्ट्रियल्स, सीमेंट, होम इंप्रूवमेंट, रियल एस्टेट और फार्मा कंपनियों की कमाई में इजाफा देखने को मिल सकता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मॉडल पोर्टफोलियो में शामिल प्रमुख शेयर
ओवरवेट: मारुति, एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, कैनफिन होम्स, एसबीआई लाइफ, यूनाइटेड स्पिरिट्स, क्रॉम्पटन, अशोका बिल्डकॉन, एनसीसी, शोभा, जेके लक्ष्मी सीमेंट, डालमिया भारत, सीईएससी, एमसीएक्स, इंडियन ऑयल और महानगर गैस।
अंडरवेट: कोटक बैंक, एचयूएल, नेस्ले, टाइटन, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज।
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