Share Market Rise: सेंसेक्स दिन के लो से 700 अंक उछला, शेयर बाजार में इन 5 कारणों से अचानक लौटी तेजी

Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों ने मंगलवार 27 जनवरी को शुरुआती गिरावट के बाद शानदार वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने दिन के निचले स्तर से तेजी से उछलकर हरे निशान में आ गए। भारत-यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की उम्मीद से निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ और उन्होंने निचले स्तर पर खरीदारी की

अपडेटेड Jan 27, 2026 पर 10:47 AM
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Share Market Rise: शेयर बाजार को सपोर्ट देने वाला दूसरा बड़ा कारण रुपये की मजबूती रहा

Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों ने मंगलवार 27 जनवरी को शुरुआती गिरावट के बाद शानदार वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने दिन के निचले स्तर से तेजी से उछलकर हरे निशान में आ गए। भारत-यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की उम्मीद से निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ और उन्होंने निचले स्तर पर खरीदारी की।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 449.11 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 81,088.59 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 116.10 अंक या 0.46 प्रतिशत टूटकर 24,932.55 तक फिसल गया। हालांकि, इसके बाद बाजार ने दिशा बदली और करीब 10 बजे तक सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की रिकवरी करते हुए 303.62 अंक या 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,841.32 पर पहुंच गया। निफ्टी भी पलटकर 25,155.05 के स्तर पर आ गया, जो 106.40 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी को दिखाता है।

शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 5 बड़ी वजहें रहीं-


1. भारत-EU ट्रेड डील से बढ़ा भरोसा

शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बनी उम्मीदें रहीं। बाजार उम्मीद कर रहा है कि आज इस समझौते को लेकर एक बड़ा ऐलान हो सकता है। माना जा रहा है कि अगर यह डील साइन होती है, तो इससे भारतीय समानों के एक्सपोर्ट, निवेश और कॉरपोरेट अर्निंग्स के लिए लंबे समय में पॉजिटिव माहौल बनेगा। इसी उम्मीद ने शुरुआती घबराहट के बाद बाजार में खरीदारी को बढ़ावा दिया।

2. रुपये में रिकवरी से राहत

शेयर बाजार को सपोर्ट देने वाला दूसरा बड़ा कारण रुपये की मजबूती रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने मंगलवार अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से वापसी की और शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की मजबूती के साथ 91.80 पर कारोबार करता नजर आया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में नरमी आने के बाद ट्रेडर्स ने डॉलर में अपनी पोजिशन कवर की, जिससे रुपये को सहारा मिला। इससे पहले शुक्रवार को रुपया एक समय 92 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक चला गया था।

3. ग्लोबल बाजारों से सकारात्मक संकेत

ग्लोबल शेयर बाजारों में मजबूती से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए।

4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

कच्चे तेल के दामों में नरमी आई, जिससे शेयर बाजार को सहारा मिला। ब्रेंट क्रूड 0.72 फीसदी गिरकर 65.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होता है और भारत का व्यापार घाटा भी सुधरता है, जो अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए अच्छा संकेत है।

5. अमेरिकी टैरिफ घटने की उम्मीद

निवेशकों की नजर अमेरिकी टैरिफ को लेकर आई बयानों पर भी रही। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को दावोस में कहा कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ हटाए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद में कमी की है। इस बयान से बाजार में टैरिफ घटने की उम्मीदें बढ़ीं और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

तकनीकी स्तरों पर सतर्कता बरकरार

तकनीकी मोर्चे पर हालांकि अब भी सतर्कता की जरूरत बताई जा रही है। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के मुताबिक, “टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार की नाजुक स्थिति को दिखाता है। 25,200–25,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है और इस स्तर के आसपास बिकवाली का दबाव बन सकता है। नीचे की तरफ 25,000 का स्तर अहम मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो 24,950–24,900 तक और कमजोरी आ सकती है।” उनका यह भी कहना है कि भले ही मोमेंटम इंडिकेटर्स कमजोर बने हुए हों, लेकिन ओवरसोल्ड कंडीशंस के चलते कुछ चुनिंदा शेयरों में अल्पकालिक राहत रैली देखने को मिल सकती है।

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