भारतीय शेयर बाजारों में 17 अप्रैल को तेजी लौटी है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद और विदेशी निवेशकों की ताजा खरीदारी जैसे फैक्टर्स से निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। सेंसेक्स ने शुरुआत तो मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में की, लेकिन तुरंत ही यह हरे निशान में आ गया। दिन में यह पिछली क्लोजिंग से 427.14 अंक उछलकर 78,415.82 के हाई तक गया। निफ्टी भी गिरावट के साथ खुला और फिर तुरंत ही इसमें तेजी आई। दिन में यह बेंचमार्क इंडेक्स 126.35 अंकों की बढ़त के साथ 24,323.10 के हाई तक गया।
इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 122.56 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,196.75 के स्तर पर बंद हुआ। शुक्रवार को आई तेजी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं, आइए जानते हैं...
भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी
इजरायल और लेबनान 10 दिन के अस्थायी संघर्ष विराम पर राजी हुए हैं। इसके चलते भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीदें जगी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गया है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि फ्रांस और UK महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए सपोर्ट जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम को लेकर चल रही बातचीत किसी समझौते पर पहुंचती है तो वह पाकिस्तान दौरे पर जा सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के मार्क से नीचे हैं, जिससे भारत जैसे तेल के आयात पर निर्भर देशों को राहत मिली है। कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम करने और देश के आयात बिल को घटाने में मदद करती हैं।
ग्लोबल मार्केट्स में तेजी
गुरुवार को अमेरिकी और यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq सूचकांक नए उच्च स्तर पर पहुंचे। यह बढ़त मध्य पूर्व में संभावित समाधान को लेकर बेहतर होते माहौल के बीच देखने को मिली। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट, ताइवान वेटेड, हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध खरीदार बन गए। उन्होंने गुरुवार को 382.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार का माहौल और भी बेहतर हुआ।
रुपया शुरुआती कारोबार में 28 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.86 के स्तर पर पहुंच गया।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।