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Share Markets: शेयरों में निवेश करने में डर लग रहा? तो जानिए सुनील सिंघानिया का क्या कहना है

सिंघानिया ने कहा कि इस साल आई गिरावट के बाद शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव हो गई हैं। निफ्टी का एक साल का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल घटकर मार्च में 17.7 गुना पर आ गया। यह 20.9 गुना के लॉन्ग टर्म एवरेज के मुकाबले करीब 15 फीसदी कम है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 4:20 PM
Share Markets: शेयरों में निवेश करने में डर लग रहा? तो जानिए सुनील सिंघानिया का क्या कहना है
अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। उसके बाद मार्च में भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट आई।

अगर आप शेयरों में निवेश करने से डर रहे हैं तो आपको सुनील सिंघानिया की बात ध्यान से सुनने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि पश्चिम एशिया में लड़ाई की वजह से उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेश के शानदार मौके हैं। सिंघानिया अबेकस एसेट मैनेजर के फाउंडर हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। उसके बाद मार्च में भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट आई।

मध्यपूर्व की लड़ाई का असर कई एसेट्स पर पड़ा

सिंघानिया ने कहा कि मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड ऑयल की कीमत एक समय 118 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया गिराकर 95 के लेवल पर आ गया था। 10 साल के सरकार के बॉन्ड की यील्ड 7 के पार निकल गई थी। निफ्टी जनवरी 2026 के अपने 26,238 के हाई लेवल से मार्च में गिरकर 22,331 प्वाइंट्स पर आ गया था।

लंबी अवधि के लिए यह निवेश का शानदार मौका 

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