Share Markets: बैंकिंग में लौटी रौनक, IT पर अभी भी सस्पेंस, जानें कहां हैं निवेश के मौके
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में अभी भी काफी 'हेडरूम' यानी बढ़त की गुंजाइश बची है। क्रेडिट ग्रोथ बहुत मजबूत है और बैंकों के एनपीए (NPA) ऑल-टाइम लो पर हैं। ऐसे में कुछ प्राइवेट और कुछ सरकारी बैंकों में निवेश के मौके दिख रहे हैं
इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में अच्छी रिकवरी आई। इससे मार्केट में सेंटिमेंट कुछ पॉजिटिव हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी है। खासकर बैंकिंग, ऑटो और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टर फिर से निवेशकों के रडार पर आ गए हैं। इनका मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई से सीधा संबंध नहीं है। CNBC-आवाज पर लक्ष्मण रॉय के साथ हुई खास चर्चा में मार्केट एक्सपर्ट्स ने निवेश के मौकों के बारे में बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम की सेहत फिलहाल बहुत मजबूत है, जबकि आईटी सेक्टर में अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। एक्सपर्ट्स ने बैंकिंग सेक्टर को 'ऑल वेदर' (All-weather) स्पेस बताया।
बैंकिंग सेक्टर में निवेश के मौके
सुनील सुब्रमण्यम (Sunil Subramaniam) का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में अभी भी काफी 'हेडरूम' यानी बढ़त की गुंजाइश बची है। क्रेडिट ग्रोथ बहुत मजबूत है और बैंकों के एनपीए (NPA) ऑल-टाइम लो पर हैं। नियर टर्म में उन्हें प्राइवेट बैंक बेहतर लगते हैं, जबकि कैपेक्स स्टोरी के चलते मीडियम टर्म में सरकारी बैंक (PSB) बाजी मार सकते हैं।
प्राइवेट बैंकों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव
मिहिर बोरा (Mihir Vora) के अनुसार, प्राइवेट बैंकों ने काफी अंडरपरफॉर्म किया है, इसलिए वहां 'रिलेटिव वैल्यू' दिख रही है। इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो में सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंकों का एक 'इक्वल बास्केट' (Equal Basket) शामिल कर सकते हैं।
मिडकैप प्राइवेट बैंकों में ज्यादा मौके
जसप्रीत सिंह (Jaspreet Singh) ने तीन सरकारी बैंकों को अपनी पसंद बताया। उनका कहना है कि प्राइवेट सेक्टर में लार्ज-कैप के बजाय मिड-साइज बैंकों में ज्यादा अवसर दिख रहे हैं, क्योंकि वहां लोन ग्रोथ 15-17% रहने की संभावना है।
एनबीएफसी सेक्टर पर भी रखें नजर
एनबीएफसी सेक्टर को लेकर भी सुनील सुब्रमण्यम काफी उत्साहित हैं। उनके अनुसार, रिटेल लेंडिंग में एनबीएफसी बैंकों से काफी आगे हैं। आरबीआई के सख्त सुपरविजन से इस सेक्टर में और मजबूती आएगी। गोल्ड लोन और कंज्यूमर लेंडिंग स्पेस में निवेशकों के पास डायवर्सिफिकेशन के अच्छे विकल्प मौजूद हैं।
चुनिंदा मिडकैप आईटी पर करें फोकस
आईटी सेक्टर को लेकर विशेषज्ञों की राय थोड़ी बंटी हुई है। मिहिर बोरा अभी लार्ज-कैप आईटी को लेकर सकारात्मक नहीं हैं। उनके अनुसार, हालिया रिकवरी केवल तकनीकी (Technical) है, क्योंकि सेक्टर पहले ही बहुत ज्यादा गिर चुका था। वे ग्रोथ के लिए केवल चुनिंदा मिड-कैप आईटी कंपनियों पर ही फोकस करने की सलाह दे रहे हैं।
आईटी सेक्टर में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं
जसप्रीत सिंह ने आईटी पर अपना स्टैंड 'अंडरवेट' से बढ़ाकर 'रिड्यूस अंडरवेट' कर दिया है। उनका मानना है कि आईटी सेक्टर अब एक 'डिफेंसिव' प्ले बन गया है। अगले 6-12 महीनों में आईटी सेक्टर का प्रदर्शन इंडेक्स के बराबर रह सकता है, लेकिन किसी बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।
BFSI में 40% तक निवेश की सलाह
जसप्रीत सिंह ने कहा कि एक आदर्श पोर्टफोलियो में 35-40% हिस्सा BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) का होना चाहिए। इसमें 10% सरकारी बैंक, 10% प्राइवेट बैंक, और बाकी हिस्सा एनबीएफसी औ कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों (जैसे फिनटेक) को दिया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल हिंदी कोई निवेश सलाह नहीं दे रहा है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। यहाँ निवेश के लिए आपको सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड एक्सपर्ट्स की सलाह लेनी चाहिए। किसी भी निवेश से पहले स्वयं शोध करना अनिवार्य है।