Global Funds Selling: ग्लोबल फंडों ने तीन महीनों में भारतीय बाजार में की 19 अरब डॉलर की बिकवाली, जानिए इसकी वजह

ग्लोबल फंडों ने सिर्फ तीन महीने में भारतीय शेयर बाजार में 18.84 अरब डॉलर की बिकवाली की है। वे आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी इकोनॉमीज में निवेश कर रहे हैं। इससे 4.8 लाख करोड़ डॉलर वाले भारतीय शेयर बाजार का आकर्षण घटा है

अपडेटेड Apr 11, 2026 पर 11:14 AM
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डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और कंपनियों की कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ की वजह से भी भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी घटी है।

विदेशी फंड भारतीय शेयर बाजार में जमकर बिकवाली कर रहे हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान लड़ाई की वजह से एनर्जी (क्रूड और गैस) की कीमतों में उछाल है। उन्हें लगता है कि एनर्जी की ऊंची कीमतें दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसाान पहुंचा सकती हैं। मध्यपूर्व की लड़ाई की वजह से तेल और गैस की कीमतें आसमान में पहुंच गई हैं। यह भारत जैसे देश के लिए अच्छा नहीं है, जो एनर्जी की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट से पूरा करता है।

सिर्फ तीन महीनों में 18.84 अरब डॉलर की बिकवाली

ग्लोबल फंडों ने सिर्फ तीन महीने में भारतीय शेयर बाजार में 18.84 अरब डॉलर की बिकवाली की है। यह बिकवाली कितनी ज्यादा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 में ग्लोबल फंडों ने इंडियन स्टॉक मार्केट्स में 18.79 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। यह जानकारी सीडीएसएल के डेटा पर आधारित है।


विदेशी फंडों की बिकवाली से बाजार लगातार दबाव में

ग्लोबल फंडों की लगातार बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव लगातार बनाए रखा है। इस हफ्ते की शुरुआत में मध्यपूर्व में अस्थायी सीजफायर की खबर के बावजूद मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर है। पिछले साल के रिकॉर्ड हाई लेवल से बाजार काफी गिर चुका है, जिससे निवेशकों को 600 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। भारतीय शेयर बाजार पर ग्लोबल फंडों की AI से जुड़ी कंपनियों में बढ़ती दिलचस्पी का भी असर पड़ा है।

AI से जुड़ी इकोनॉमीज में बढ़ी ग्लोबल फंडों की दिलचस्पी

विदेशी फंड आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी इकोनॉमी में निवेश कर रहे हैं। इसकी वजह है कि सेमीकंडक्टर की बढ़ती डिमांड का फायदा इन देशों को होगा। इससे 4.8 लाख करोड़ डॉलर वाले भारतीय शेयर बाजार का आकर्षण घटा है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और कंपनियों की कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ की वजह से भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी घटी है। अभी विदेशी फंडों के इंडियन मार्केट में लौटने की कोई वजह नहीं दिख रही।

रुपये में कमजोरी और कम अर्निंग्स ग्रोथ का भी विदेशी फंडों पर असर

डीएनबी एसेट मैनेजमेंट एएस के पोर्टफोलियो मैनेजर अभिषेक थेपाडे ने कहा, "इंडियन स्टॉक्स अभी अट्रैक्टिव नहीं लग रहे हैं। अर्निंग्स में साइक्लिकल स्लोडाउन दिख रहा है। रुपये में कमजोरी और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस का इंडियन आईटी कंपनियों पर पड़ने वाले असर ने भी भारतीय बाजार का अट्रैक्शन घटाया है। "

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घरेलू निवेश से भारतीय बाजार को मिल रहा सहारा

ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, इस महीने में अब तक दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में विदेशी फंडों ने क्रमश: 3.6 अरब डॉलर और 5.6 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस दौरान विदेशी फंडों ने भारतीय शेयर बाजारों में 3 अरब डॉलर की बिकवाली की है। भारतीय बाजार को घरेलू निवेश का सहारा मिला है। म्यूचुअल फंडों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने इस साल भारतीय बाजार में 31 अरब डॉलर का निवेश किया है।

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