Stock Markets News: शेयर बाजारों में 4 मई को तूफानी तेजी दिखी है। सेंसेक्स और निफ्टी को पंख लग गए हैं। सुबह में गिफ्ट निफ्टी मजबूत खुला था। इससे उम्मीद थी कि बाजार में कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ होगी। लेकिन, इतनी जबर्दस्त तेजी की उम्मीद नहीं थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चुनावी नतीजों के अब तक आए रुझान का असर बाजार पर पड़ा है। सेंसेक्स 767 अंक चढ़कर खुला है। 178 निफ्टी अंक चढ़कर खुला है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी आगे
अब तक आए चुनावी नतीजे एक्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक दिख रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी पिछड़ती दिख रही है। बीजेपी टीएमसी के मुकाबले ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। अगर यह बढ़त आगे भी जारी रहती है तो इसका मतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने जा रही है। उधर, केरल में एलडीएफ के मुकाबले यूडीएफ आगे चल रहा है। असम में बीजेपी ने कांग्रेस के मुकाबले बड़ी बढ़त बना ली है। तमिलनाडु में डीएमके आगे चल रहा है। एआईडीएमके पिछड़ती दिख रही है।
Bajaj Auto, मारुति सुजुकी, वेदांता, जिंदल स्टील, अदाणी पोर्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में तेजी दिखी। एवेन्यू सुपरमार्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, मझगांव डॉक, डॉ रेड्डीजज और टीवीएस मोटर के शेयरों में कमजोरी दिखी। शेयर बाजार में मई के पहले कारोबारी दिन तेजी से इनवेस्टर्स खुश हैं। हालांकि, चुनावी नतीजों के रुझान अभी बदल भी सकते हैं।
सभी सेक्टर के सूचकांक हरे निशान में
बाजार की खास बात यह है कि सभी सेक्टर के सूचकांक हरे निशान में चल रहे हैं। ऑटो, एफएमसीजी, पावर, टेलीकॉम में 1-1 फीसदी की तेजी दिखी। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7 फीसदी ऊपर चल रहे थे। सभी सेक्टर के सूचकांकों में तेजी का मतलब है कि बाजार का सेंटीमेंट स्ट्रॉन्ग है।
इंडिया वीआईएक्स में दिखी गिरावट
उधर, इंडिया वीआईएक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यह 9:34 बजे 3.29 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि बाजार में डर घट रहा है। पिछले कुछ सत्रों में वीआईएक्स में तेजी दिखी थी। इंडिया वीआईएक्स और शेयर बाजार के बीच विपरीत संबंध है। इंडिया वीआईएक्स के बढ़ने का मतलब है कि बाजार में गिरावट आ सकती है। इसके घटने का मतलब है कि बाजार में तेजी आ सकती है।
पश्चिम बंगाल में बदलेगी सरकार
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की अगर जीत होती है तो इसका मतलब है कि भाजपा सरकार राज्य में अपनी पॉलिसी लागू करेगी। राज्य में 15 साल बाद बड़ा बदलाव दिखेगा। भाजपा का जोर राज्य की पुरानी रौनक फिर से लौटाने पर हो सकती है। एक समय पश्चिम बंगाल देश के सबसे ज्यादा उद्योग वाले राज्यों में से एक था। लेकिन, धीरे-धीरे राज्य की यह पहचान खोने लगी।