शेयरखान ने फार्मा कंपनियों के शेयरों पर अपनाया न्यूट्रल रवैया, जानिये क्या है वजह

शेयरखान ने यूएस एफडीए द्वारा बढ़ी हुई जांच के बारे में चिंता व्यक्त की है। इसकी वजह से प्रोडक्शन में देरी हुई और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए गाइडेंस बढ़ गया। इससे नियर टर्म में मार्केटिंग लागत बढ़ गई। इन्होंने ने यूएस एफडीए द्वारा बढ़ी हुई रेगुलेटरी जांच के बढ़ते जोखिम पर भी चिंता जताई। इसके वैल्यूएशन पर एक बाधा नजर आ सकती है

अपडेटेड Feb 25, 2023 पर 11:24 AM
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शेयरखान को फार्मा सेक्टर से Zydus Lifesciences, Sun Pharma, Torrent Pharma, and Dr. Reddy’s Laboratories के शेयर पसंद हैं
     
     
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    फार्मास्युटिकल कंपनियों ने तीसरी तिमाही में मिले-जुले रिजल्ट जारी किये। कुछ जेनेरिक फॉर्मूलेशन बनाने वाली कंपनियों ने अमेरिकी बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया। इन्होंने स्पेशल और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक स्पेस में एक मजबूत अपट्रेंड दिखाया। हालांकि कुछ अन्य कंपनियां एक मजबूत प्रदर्शन पोस्ट करने में विफल रहे। कुल मिलाकर शेयरखान द्वारा कवर की गई दवा कंपनियों की संयुक्त रेवन्यू ग्रोथ तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत बढ़ी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन भी सालाना 31 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 23.1 प्रतिशत हो गई। लेकिन संयुक्त शुद्ध मुनाफा काफी हद तक सपाट रहा। बता दें कि एक बेसिस प्वाइंट एक प्रतिशत अंक का सौवां हिस्सा होता है।

    सिक्योरिटी फर्म द्वारा कवर की गई फार्मास्युटिकल कंपनियों में अरबिंदो फार्मा, सिप्ला, जाइडस लाइफसाइंसेज, सन फार्मा, डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, डिविज लैबोरेटरीज, इप्का लैब्स, ल्यूपिन, टोरेंट फार्मा, बायोकॉन, ग्रैन्यूल्स इंडिया, लॉरस लैब्स, एबट इंडिया, स्ट्राइड्स फार्मा, कैपलिन पॉइंट लैबोरेट्रीज और ग्लैंड फार्मा शामिल हैं।

    FDA की चिंता


    यद्यपि अधिकांश दवा निर्माताओं ने तिमाही में EBITDA मार्जिन में सुधार देखा। शेयरखान ने यूएस एफडीए ( US Food and Drug Administration) द्वारा बढ़ी हुई जांच के बारे में चिंता व्यक्त की है। इससे उत्पादन में देरी हुई और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए गाइडेंस बढ़ गया। इससे निकट अवधि में मार्केटिंग लागत बढ़ गई। इसकी वजह से संभावित मजबूत ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

    फर्म ने यूएस एफडीए द्वारा बढ़ी हुई रेगुलेटरी जांच के बढ़ते जोखिम पर भी प्रकाश डाला। जो इस क्षेत्र के वैल्यूएशन पर एक बाधा के रूप में कार्य कर सकता है।

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    शेयरखान की रिपोर्ट के अनुसार फर्म अगले दो वर्षों में लगातार कॉम्प्लेक्स और अलग-अलग उत्पाद लॉन्च करने के कारण फार्मास्युटिकल स्पेस मं जेनेरिक फॉर्मूलेशन कंपनियों को तरजीह देती है। ये विशेष रूप से नॉवेल और बायोसिमिलर स्पेस में प्रोडक्ट लॉन्च करने वाली कंपनियों को वरीयता देती है। जो मध्यम अवधि में रेवन्यू और मुनाफा बढ़ा सकती हैं। इनको इस सेक्टर में Zydus Lifesciences, Sun Pharma, Torrent Pharma, and Dr. Reddy’s Laboratories पसंद हैं।

    लंबी अवधि में दिख सकती है ग्रोथ

    शेयरखान के विश्लेषकों का मानना ​​है कि निकट अवधि में फार्मा क्षेत्र पर उनकी न्यूट्रल राय है। इसके बावजूद भारतीय दवा कंपनियां अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। इसकी वजह यह है कि ये विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं। ये कंपनियां लंबी अवधि में अधिकांश बाजारों में पर्याप्त हिस्सेदारी बनाये रखती हैं।

    शेयरखान ने फार्मा इंडेक्स के लिए उम्मीद के मुताबिक मामूली रूप बेहतर प्रदर्शन की भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि Sun Pharma, Zydus Life, Dr Reddy’s and Torrent Pharma जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ Abbott India जैसे आला भारत-केंद्रित कंपनियों के शेयरों का वैल्यूएशन अच्छा हो गया है।

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