निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही 1 अगस्त को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। यह ऐसा बाजार है जो सिर्फ हर चीज को पॉजिटिव साइड को देख रहा है। इसलिए हर खराब का असर ज्यादा देर तक टिक नहीं पा रहा और बाजार इसमें कुछ न कुछ पॉजिटिव निकाल लेता है। पहले बाजार में इस उम्मीद से तेजी आ रही थी कि एनडीए की भारी बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार में वापसी होगी। चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं होने के बावजूद मार्केट में तेजी जारी रही। यह उम्मीद की जा रही थी कि यूनियन बजट में सरकार कैपिटल गेंस टैक्स में कोई बदलाव नहीं करेगी। लेकिन, सरकार ने न सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस को बढ़ाया बल्कि शेयरों के बायबैक से इनकम पर भी टैक्स लगा दिया। इन सभी का असर मार्केट के सेंटिमेंट पर नहीं पड़ा था। लेकिन, जियोपॉलिटकल वजहों से 2 अगस्त को इंडियन मार्केट में बड़ी गिरावट आई।
