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Short Call: सिर्फ 2-4 दिन बाद मार्केट में 'ऑल इज वेल', जानिए Cumins, PB Fintech और बीएसई क्यों सुर्खियों में हैं

सिर्फ 2-4 दिन पहले की बात है। मार्केट्स पर निराशा के घने बादल दिख रहे थे। अमेरिका में मंदी की बातें हो रही थी। जापान में येन कैरी ट्रेड में अनवाइडिंग ने ग्लोबल मार्केट पर दबाव बढ़ा दिया था। फेडरल रिजर्व पर इंटरेस्ट रेट में कमी करने में देर के आरोप लग रहे थे। अचानक तस्वीर बदल गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 09, 2024 पर 10:02 AM
Short Call: सिर्फ 2-4 दिन बाद मार्केट में 'ऑल इज वेल', जानिए Cumins, PB Fintech और बीएसई क्यों सुर्खियों में हैं
बीएसई के शेयर 8 अगस्त को 8.4 फीसदी उछाल के साथ 2,599 रुपये पर बंद हुए।

गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रेटेजी में भरोसा रखने वाले निवेशकों के चेहरे पर खुशी है। सिर्फ कुछ दिन पहले की बात है। अमेरिकी इकोनॉमी के रिसेशशन (मंदी) जाने की आशंका जताई जा रही थी। येन में कैरी-ट्रेड की अनवाइंडिंग से फाइनेंशियल मार्केट्स बेदम दिख रहा था। इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बैंक ऑफ जापान के फैसले से हालात बेहद खराब दिख रही थी। अमेरिका में अनुमान से पहले इंटरेस्ट रेट में कमी की बातें हो रही थीं। फिर से, अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत दिख रही है। रोजगार के नए आंकड़ों ने यूएस इकोनॉमी पर मंडरा रहे मंदी के बादल को धकेल दिया है। बैंक ऑफ जापान ने कहा है कि वह इंटरेस्ट रेट्स नहीं बढ़ाएगा। अमेरिका में जल्द इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद कमजोर पड़ गई है। एक बार फिर से बुल्स मजबूत दिखने लगे हैं।

अब भी सावधानी बरतने की सलाह

इसके बावजूद फिलहाल सावधानी बरतने में नुकसान नहीं है। अमेरिकी इकोनॉमी (US Economy) में सुस्ती है। नई नौकरियों के डेटा इसका संकेत देते हैं। ऐसा लगता है कि बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला इसलिए बदला है क्योंकि इससे येन में कैरी ट्रेड (Yen Carry trade) की अनवाइंडिंग से फाइनेंशियल मार्केट पर दबाव बना गया था। अमेरिका में इंटरेस्ट रेट जल्द घटने की चर्चा भले ही कमजोर पड़ गई है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का अब भी मानना है कि फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) जल्द इंटरेस्ट रेट में कमी को लेकर आक्रामक रुख दिखा सकता है।

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