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Short Call: हाई वैल्यूएशन और कमजोर डिमांड ने बढ़ाया सीमेंट कंपनियों का सिरदर्द, जानिए Power Grid और Piramal Pharma क्यों सुर्खियों में हैं

जुलाई से सितंबर के दौरान हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में गतिविधियां घटी हैं। इसका सीधा असर सीमेंट की डिमांड पर पड़ा है। डिमांड में कमी ऐसे वक्त आई है, जब सीमेंट कंपनियां पहले से मुश्किल का सामना कर रही हैं। देश के कई इलाकों में सीमेंट कंपनियों ने उत्पादन घटाए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 26, 2024 पर 9:57 AM
Short Call: हाई वैल्यूएशन और कमजोर डिमांड ने बढ़ाया सीमेंट कंपनियों का सिरदर्द, जानिए Power Grid और Piramal Pharma क्यों सुर्खियों में हैं
पावर ग्रिड का स्टॉक 25 सितंबर को 4.04 फीसदी के उछाल के साथ 364.2 रुपये पर क्लोज हुआ।

हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में गतिविधियां सुस्त पड़ने के संकेत हैं। देश के सबसे बड़े 9 शहरों में इस साल जुलाई-सितंबर के दौरान रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में 11 फीसदी गिरावट आई है, जबकि बिक्री (सेल्स) 18 फीसदी घटी है। प्रॉपइक्विटी के डेटा से यह जानकारी मिली है। एक बड़े कंस्ट्रक्शन मार्केट उत्तर प्रदेश में भी काफी सुस्ती आई है। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटिजी में सुस्ती का सीधा असर सीमेंट की डिमांड पर पड़ा है। डिमांड में कमी ऐसे वक्त आई है, जब सीमेंट कंपनियां पहले से मुश्किल का सामना कर रही हैं। इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में सीमेंट कंपनियों ने उत्पादन में 10-15 फीसदी की कमी की है।

सीमेंट कंपनियां (Cement Companies) सेल्स बढ़ाने के लिए ट्रेड डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं। रॉ मैटेरियल की बढ़ती कीमतों के चलते मार्जिन घटा है। इससे FY25 की पहली छमाही में सीमेंट कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर रहने के आसार हैं। सीमेंट कंपनियों ने अगले वित्त वर्ष में उत्पादन क्षमता 35-40 मिलियन टन बढ़ाने का प्लान बनाया था। लेकिन, मार्केट की मौजूदा स्थिति में यह मुश्किल लगता है। उधर, सीमेंट कंपनियों की बढ़ती वैल्यूएशन चिंता पैदा करती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने सीमेंट कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 100 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान व्यक्त किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वैल्यूएशन को तब वाजिब माना जाएगा जब अगले 30 साल में सीमेंट कंपनियों की सेल्स 40-60 अरब टन होगी। यह नामुमकिन लगता है।

Power Grid

पावर ग्रिड का स्टॉक 25 सितंबर को 4.04 फीसदी के उछाल के साथ 364.2 रुपये पर क्लोज हुआ। पावर मिनिस्ट्री के नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान की वजह से यह तेजी आई। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि सरकार के ट्रांसमिशन से जुड़ी गतिविधियों पर पूंजीगत खर्च बढ़ाने का सबसे ज्यादा फायदा Power Grid को मिलेगा। उधर, बेयर्स की दलील है कि मार्केट में बढ़ती प्रतियोगिता का असर पावर ग्रिड पर पड़ सकता है। इसके अलावा कई कमोडिटीज और कंपोनेंट्स की कीमतों में उतारचढ़ाव है, जिसका असर मार्जिन पर पड़ सकता है।

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