मार्केट दिशा के लिए संघर्ष करता दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी है। किसी सेक्टर में स्पष्ट ट्रेंड नहीं दिख रहा है। कुछ खास शेयरों में एक्टिविटी दिख रही है। खासकर रेलवे से जुड़ी कंपनियों में हलचल है। लेकिन, मार्केट प्लेयर्स से बातचीत करने से पता चलता है कि अभी अच्छा पैसा नहीं बन रहा है। कुल मिलाकर, बीते एक महीने का बात करें तो मार्केट में निराशा की जगह अब थकान दिख रही है।
