Trump Effect: अगले हफ्ते अमेरिका में एक बार डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की सरकार बनने जा रही है। मार्केट उनकी ताजपोशी का इंतजार कर रहा है क्योंकि नई सरकार में नई नीतियां आ सकती हैं तो उसके हिसाब से मार्केट अपनी चाल तय करेगा। अभी तो मार्केट का मानना है कि ट्रंप के आने से अमेरिकी ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है लेकिन इस बात की भी आशंका है कि महंगाई बढ़ सकती है। वैसे अभी ट्रंप राष्ट्रपति बने नहीं हैं, लेकिन उनके आने की आहट पर विकासशील देशों को झटके लगने लगे हैं।
ट्रंप के ट्रेड टैरिफ की स्ट्रैटेजी और डॉलर की मजबूती पर निवेशक विकासशील देशों के स्टॉक्स से पैसे निकाल रहे हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रंप की टैरिफ और टैक्स कटौती जैसी नीतियों से फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती का इंतजार लंबा हो सकता है। इन सबके बीच ब्रोकरेज ने शॉर्ट टर्म के लिए दो स्टॉक्स पर अपना व्यू दिया है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने खरीदारी की रेटिंग के साथ बीएसई की कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज का कहना है कि इंडेक्स डेरिवेटिव से जुड़े सख्त नियमों के बावजूद बीएसई में अच्छी तेजी दिख सकती है। बंद हो चुके वीकली कॉन्ट्रैक्ट्स की इसके इंडेक्स प्रीमियम वॉल्यूम में महज 21.3 फीसदी हिस्सेदारी थी जबकि एनएसई के मामले में यह आंकड़ा 46.9 फीसदी था। खास बात ये है कि बीएसई के पास अपने एक्टिव कस्टमर बेस को बढ़ाने का काफी मौका है। इसका एक्टिव कस्टमर बेस अभी 15-20 लाख मासिक है जबकि एनएसई का आंकड़ा 42 लाख का है। हालांकि दूसरी तरफ रिस्क की बात करें तो नियमों में बदलाव, इक्विटी इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट पर अधिक निर्भरता, मैक्रोइकनॉमिक लेवल पर बड़े पैमाने पर सुस्ती से बीएसई को झटका लग सकता है
एक्सिस बैंक को आने वाली तिमाहियों में लोन ग्रोथ में तेजी की उम्मीद है लेकिन बैंक इस बात को लेकर सतर्क है कि यह ग्रोथ किस सेगमेंट में कितनी आए। ऐसा करके बैंक की कोशिश प्रॉफिटेबिलिटी और रिस्क मैनेजमेंट के साथ ग्रोथ को बैलेंस करते हुए अधिक से अधिक रिटर्न हासिल करने की है। वहीं दूसरी Emkay Global के एनालिस्ट्स का मानना है कि माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (MFI) और अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में दबाव के चलते तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर 2024 में इसका ग्रॉस एनएपी 1.4 फीसदी से बढ़कर 1.5 फीसदी पर पहुंच सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।