पिछले 18 महीनों से मिडकैप स्टॉक्स में जारी तेजी की वजह समझ से परे है। सवाल है कि क्या यह तेजी मजबूत फंडामेंटल्स पर आधारित है? जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजय कुमार ने एक बड़ी बात बताई है। उन्होंने कहा है कि स्मॉलकैप फंड्स बड़ा निवेश करने से परहेज कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स आम तौर पर कमीशन इनकम के लिए नए निवेश का स्वागत करते हैं। अगर, वे निवेशकों से नए निवेश नहीं ले रहे हैं तो इसका मतलब है कि बड़े निवेश के लिए वैल्यूएशन अभी ठीक नहीं है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स का पी/ई 33 से ऊपर निकल गया है। आम तौर पर 25 से ज्यादा के पी/ई को काफी ज्यादा माना जाता है।
