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Short Call: पिछले 18 महीनों से मिडकैप स्टॉक्स में जारी तेजी की वजह, Garden Reach और GMR Power क्यों सुर्खियों में हैं?

मिडकैप स्टॉक्स में बीते 18 महीनों से जारी तेजी ने चौंकाया है। इससे कई शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स का पी/ई 33 से ऊपर निकल गया है। आम तौर पर 25 से ज्यादा के पी/ई को काफी ज्यादा माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 04, 2024 पर 10:12 AM
Short Call: पिछले 18 महीनों से मिडकैप स्टॉक्स में जारी तेजी की वजह, Garden Reach और GMR Power क्यों सुर्खियों में हैं?
गार्डन रिच शिपबिल्डर्स के शेयर 3 सितंबर को 4.7 फीसदी के उछाल के साथ 1,917 रुपये पर बंद हुए।

पिछले 18 महीनों से मिडकैप स्टॉक्स में जारी तेजी की वजह समझ से परे है। सवाल है कि क्या यह तेजी मजबूत फंडामेंटल्स पर आधारित है? जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजय कुमार ने एक बड़ी बात बताई है। उन्होंने कहा है कि स्मॉलकैप फंड्स बड़ा निवेश करने से परहेज कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स आम तौर पर कमीशन इनकम के लिए नए निवेश का स्वागत करते हैं। अगर, वे निवेशकों से नए निवेश नहीं ले रहे हैं तो इसका मतलब है कि बड़े निवेश के लिए वैल्यूएशन अभी ठीक नहीं है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स का पी/ई 33 से ऊपर निकल गया है। आम तौर पर 25 से ज्यादा के पी/ई को काफी ज्यादा माना जाता है।

इधर, रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) के अजीत मिश्रा ने मनीकंट्रोल से बातचीत में मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) स्टॉक्स को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। यह इस बात का संकेत है कि दोनों सेगमेंट्स में वैल्यूएशन काफी ज्यादा है। कोटक सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में दिलचस्प बात बताई है। उसने कहा है कि पिछले 12 महीनों के रिटर्न में निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स के टॉप 25 शेयरों का करीब 50 फीसदी योगदान है। करीब 36 शेयरों ने इस दौरान 10 फीसदी से कम रिटर्न दिया है।

Garden Reach Shipbuilders and Engineers

गार्डन रिच शिपबिल्डर्स के शेयर 3 सितंबर को 4.7 फीसदी के उछाल के साथ 1,917 रुपये पर बंद हुए। कंपनी को नेवी से एक बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इसका असर Garden Reach Shipbuilders के शेयरों पर देखने को मिला। कंपनी की ऑर्डरबुक 25,231 करोड़ रुपये की है। इसमें कई बड़े प्रोजेक्ट के ऑर्डर हैं। कंपनी ऑटोनोमस प्लेटफॉर्म, ग्रीन एनर्जी और मरिन इंजन के को-प्रोडक्शन पर फोकस बढ़ा रही है। इससे अगले कुछ सालों में रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। उधर, बेयर्स का कहना है कि नेक्स्ट जेनरेशन कोरवेटी (NGC) में एक बड़ा ऑर्डर FY26 के लिए टल गया है। इसका असर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ पर पड़ सकता है। इसके अलावा पिछले छह महीनों में निफ्टी के मुकाबले इस स्टॉक ने 105 फीसदी ज्यादा रिटर्न दिया है। इससे आगे शेयरों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है।

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