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Siemens ने एनर्जी कारोबार को अलग करने का किया एलान, जेफरीज से मिली 'BUY'कॉल , जनिए क्या है दूसरे ब्रोकरेज की राय

Siemens Demerger plan : जेफरीज का कहना है कि पावर और रेलवे सेगमेंट से ग्रोथ बढ़ेगी। पावर डिविजन के डीमर्जर से वैल्यूएशन बढ़ेगा। पावर ट्रांसमिशन कैपेस ग्रोथ के लिए अहम है। अच्छे डिमांड के चलते ऊंचे मार्जिन का लक्ष्य बरकरार है। सीमेंस का फोकस विस्तार पर बना हुआ है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 15, 2024 पर 6:08 PM
Siemens ने एनर्जी कारोबार को अलग करने का किया एलान, जेफरीज से मिली 'BUY'कॉल , जनिए क्या है दूसरे ब्रोकरेज की राय
सीमेंस का फोकस विस्तार पर बना हुआ है। कंपनी पावर ट्रांसमिशन क्षमता दोगुना करने पर काम कर रही है। कंपनी गोवा में स्मार्ट इंफ्रा बिजनेस और स्विचगियर यूनिट का विस्तार करेगी

सीमेंस (Siemens) ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। साथ ही, कंपनी ने एनर्जी कारोबार को अलग करने की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने एनर्जी कारोबार के डीमर्जर को मंजूरी दे दी है। डीमर्जर के बाद सीमेंस इंडिया एनर्जी (Siemens Energy India) नाम की एक अलग कंपनी बनेगी। यह एक एनर्जी कंपनी होगी। Siemens Energy India की अलग से लिस्टिंग होगी। इसके लिए तय डीमर्जर योजना के तहत सीमेंस के 1 शेयर पर एनर्जी कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि डीमर्जर से वैल्यू अनलॉकिंग होगी। यह डीमर्जर 2025 तक पूरा हो सकता है।

ब्रोकरेज रिपोर्ट पर बात करने को पहले आइए सीमेंस के नतीजों पर एक नजर डाल लेते हैं। सीमेंस ने मंगलवार, 14 मई को अपने चालू वित्तीय वर्ष के दूसरी तिमाही (Q2SY24) के नतीजे पेश किए हैं। इस अवधि में कंपनी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फर्म सीमेंस अक्टूबर-सितंबर वित्त वर्ष का अनुपालन करती है। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 70.1 फीसदी की बढ़त के साथ 471.4 करोड़ रुपए के मुकाबले 802.5 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, आय सालाना आधार पर 18.4 फीसदी बढ़कर 4,857.8 करोड़ रुपए के मुकाबले 5,749.9 करोड़ रुपए पर रही है।

दूसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA सालाना आधार पर 621.2 करोड़ रुपए से बढ़कर 878.2 करोड़ रुपए पर और EBITDA मार्जिन 12.80 फीसदी से बढ़कर 15.3 फीसदी पर रहा है। कंपनी के बोर्ड ने क्षमता विस्तार के लिए 519 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी की गोवा और औरंगाबाद यूनिट में क्षमता विस्तार की योजना है।

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