Sigachi Industries: इस हफ्ते 35 फीसदी उछला स्टॉक, क्या है इस तेजी की वजह?

सिगाची इंडस्ट्रीज का आईपीओ 2021 में आया था। कंपनी ने 163 रुपये के प्राइस पर शेयर एलॉट किए थे। शेयरों की लिस्टिंग 15 नवंबर को हुई थी। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तीन गुनी कीमत पर हुई थी। यह पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग थी

अपडेटेड Sep 12, 2025 पर 5:49 PM
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12 सितंबर को यह स्टॉक 12.47 फीसदी के उछाल के साथ 42.40 रुपये पर बंद हुआ।

सिगाची इंडस्ट्रीज के शेयरों में इस हफ्ते 35 फीसदी उछाल आया है। यह शेयर 2021 में लिस्ट हुआ था। तब से ऐसा पहली बार हुआ है, जब कंपनी के शेयर एक हफ्ते में इतना चढ़े हैं। 12 सितंबर को यह स्टॉक 12.47 फीसदी के उछाल के साथ 42.40 रुपये पर बंद हुआ। 11 सितंबर को यह 20 फीसदी चढ़ा था। 18.3 करोड़ शेयरों में 12 सितंबर को कारोबार हुआ। यह 20 दिनों के औसत 57 लाख शेयरों के वॉल्यूम से काफी ज्यादा है। 11 सितंबर को 11 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई थी।

शेयरों का कारोबारी वॉल्यूम 30 करोड़ से ज्यादा

कुछ महीने पहले Sigachi Industries अपने एक प्लांट में आग लगने की घटना से सुर्खियों में आई थी। 12 सितंबर को लगातार चौथे दिन इसके शेयरों में तेजी आई। इस हफ्ते इस शेयर का कारोबारी वॉल्यूम 30 करोड़ से ज्यादा रहा। यह स्टॉक में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा है। जून में कंपनी के तेलंगाना प्लांट में विस्फोट के बाद आग लग गई थी। इस हादसे में कम से कम 46 वर्कर्स की मौत हो गई थी, जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए थे।


अमेरिका से रिश्ते बेहतर होने के संकेतों से उछले शेयर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिगाची इंडस्ट्रीज एक फार्मा स्टॉक है। यह कंपनी अमेरिका को एक्सपोर्ट करती है। अमेरिका और इंडिया के रिश्तों में बीते दो-तीन दिनों में नरमी के संकेत दिखे है। सिगाची इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की यह एक वजह हो सकती है। इसके अलावा इस स्टॉक में तेजी की कोई दूसरी वजह नहीं दिखती। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे में इनवेस्टर्स को इस स्टॉक को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

2021 में लिस्ट हुई थी सिगाची इंडस्ट्रीज

सिगाची इंडस्ट्रीज का आईपीओ 2021 में आया था। कंपनी ने 163 रुपये के प्राइस पर शेयर एलॉट किए थे। शेयरों की लिस्टिंग 15 नवंबर को हुई थी। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तीन गुनी कीमत पर हुई थी। यह पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग थी। कंपनी ने एक शेयर को 10 शेयरों में स्पलिट किया था। इसे एडजस्ट करने के बाद भी 16 रुपये के आईपीओ प्राइस से 200 फीसदी से ज्यादा कीमत पर इसमें कारोबार हो रहा है।

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कंपनी कई तरह के एमसीसी का उत्पादन करती है

इस कंपनी की शुरुआत 1989 में हुई थी। यह माइक्रोक्रिस्टालाइन सेल्युलोज (MCC) बनाती है, जिसका इस्तेमाल फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज में होता है। फूड और कॉस्मेटिक्स इंडस्ट्रीज में भी इसका इस्तेमाल होता है। कंपनी कई ग्रेड के एमसीसी बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैदराबाद और गुजरात में हैं। इसकी अपनी आरएंडडी डिवीजन है।

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