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Smallcap Stocks: ऑल-टाइम हाई से 40% तक टूटे शेयर, क्या अब है निवेश बढ़ाने का गोल्डन मौका?

साल 2019 से 2025 के बीच स्मॉलकैप कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 83 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह मिडकैप कंपनियों और लार्जकैप कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन की ग्रोथ से ज्यादा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 20, 2026 पर 5:43 PM
Smallcap Stocks: ऑल-टाइम हाई से 40% तक टूटे शेयर, क्या अब है निवेश बढ़ाने का गोल्डन मौका?
पिछले कुछ समय से स्मॉलकैप स्टॉक्स में टाइम और प्राइस दोनों तरह का करेक्शन देखने को मिला है।

स्मॉलकैप स्टॉक्स मार्केट में गिरावट पर ज्यादा गिरते हैं। ये मार्केट में तेजी आने पर ज्यादा चढ़ते हैं। सितंबर 2024 के अंत में ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद मार्केट में कंसॉलिडेशन दिखा है। इसका असर स्मॉलकैप स्टॉक्स पर पड़ा है। एबैकस म्यूचुअल फंड की स्टडी बताती है कि करीब आधी स्मॉलकैप कंपनियों (2,000 से 34,700 मार्केट कैपिटलाइजेशन) के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे हैं। सवाल है कि क्या यह स्मॉलकैप शेयरों में निवेश का सही समय है?

2019 से 2025 के बीच मार्केट कैपिटलाइजेशन पांच गुना हुआ

साल 2019 से 2025 के बीच स्मॉलकैप कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 83 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह मिडकैप कंपनियों और लार्जकैप कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन की ग्रोथ से ज्यादा है। इस दौरान शेयर बाजार में स्मॉलकैप कंपनियों की हिस्सेदारी 11 फीसदी से बढ़कर 19 फीसदी के करीब पहुंच गई।

2026 से अब तक 17 फीसदी सीएजी रिटर्न

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