आप स्मॉलकैप स्टॉक्स इसलिए नहीं खरीद रहे क्योंकि वे बहुत महंगे हैं? ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के मिहिर वोरा ने कहा यह सच नहीं है

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर मिहिर वोरा ने कहा कि आम तौर पर यह माना जा रहा है कि स्मॉलकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है, लेकिन यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप में ऐसी कंपनियों पर फोकस करने की जरूरत है, जिनकी अर्निंग्स अच्छी है और जिन्होंने अच्छी ग्रोथ दिखाई है

अपडेटेड Oct 16, 2024 पर 2:13 PM
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मिहिर वोरा ने कहा कि जो बात स्मॉलकैप स्टॉक्स को दूसरे स्टॉक्स से अलग करती है वह है ग्रोथ की संभावना। स्मॉलकैप कंपनियों की ग्रोथ काफी ज्यादा रहने की उम्मीद होती है।

स्मॉलकैप स्टॉक्स ने इस साल निवेशकों को मालामाल किया है। बीते एक साल में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स का रिटर्न करीब 49 फीसदी रहा है। ज्यादा रिटर्न कमाने के लिए निवेशकों ने स्मॉलकैप स्टॉक्स और म्यूचुअल फंडों की स्मॉलकैप स्कीमों में निवेश बढ़ाया है। इससे स्मॉलकैप यानी छोटी कंपनियों के शेयरों की कीमतें काफी बढ़ गई है। कई एक्सपर्ट्स ज्यादा वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों को स्मॉलकैप स्टॉक्स से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं। क्या वाकई स्मॉलकैप स्टॉक्स बहुत महंगे हो गए हैं? मनीकंट्रोल ने इस सवाल का जवाब जानने के लिए ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर मिहिर वोरा से बातचीत की।

अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ वाली स्मॉलकैप में करें निवेश

वोरा (Mihir Vora) ने कहा कि आम तौर पर यह माना जा रहा है कि स्मॉलकैप स्टॉक्स (Smallcap Stocks) की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है, लेकिन यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप में ऐसी कंपनियों पर फोकस करने की जरूरत है, जिनकी अर्निंग्स अच्छी है और जिन्होंने अच्छी ग्रोथ दिखाई है। हमें लॉस वाली कंपनियों को पोर्टफोलियो से हटाना होगा। इसकी वजह यह है कि ऐसी एक भी कंपनी आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न पर खराब असर डाल सकती है। अगर आप उस स्मॉलकैप स्टॉक में निवेश करते हैं जिसकी अर्निंग्स पिछले कुछ सालों में पॉजिटिव रही है तो आपको अलग तस्वीर दिखेगी।


लार्जकैप और स्मॉलकैप की वैल्यूएशन में ज्यादा फर्क नहीं

उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशन एक तरह से लार्जकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशन के करीब है। लार्जकैप स्टॉक्स का पी/ई और स्मॉलकैप स्टॉक्स का पी/ई करीब-करीब एक जैसा है। दरअसल, लार्जकैप स्टॉक्स का पी/ई थोड़ा ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मल्टी-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड्स उन 150 स्टॉक्स में निवेश कर रहे हैं, जो लार्जकैप कैटेगरी के तहत आते हैं। लेकिन, अगर आप लार्जकैप और स्मॉलकैप की एक्चुअल वैल्यूएशन को देखें तो दोनों करीब एक जैसी है।

स्मॉलकैप में तेज ग्रोथ की उम्मीद

वोरा ने कहा कि जो बात स्मॉलकैप स्टॉक्स को दूसरे स्टॉक्स से अलग करती है वह है ग्रोथ की उनकी संभावना। स्मॉलकैप कंपनियों की ग्रोथ काफी ज्यादा रहने की उम्मीद होती है। इसके मुकाबले लार्जकैप की ग्रोथ 8-12 फीसदी के बीच रह सकती है। स्मॉलकैप की ग्रोथ 18 फीसदी तक जा सकती है। इसलिए ग्रोथ के लिहाज से देखने पर स्मॉलकैप स्टॉक्स में ज्यादा रिस्क-रिवॉर्ड दिखता है। उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप कैटेगरी ने बहुत अच्छा रिटर्न दिया है। अगर आप सही स्मॉलकैप स्टॉक्स की पहचान कर सकते हैं तो फिर निवेश के मौके का फायदा उठा सकते हैं।

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