Sona Machinery IPO Listing: एंट्री करते ही अपर सर्किट, लेकिन अब भी आईपीओ निवेशक तगड़े घाटे में

Sona Machinery IPO Listing: सोना मशीनरी चावल, दाल, गेहूं, मसाले और बाजरा की प्रोसेसिंग के लिए मशीनरी बनाती है। आज इसके शेयरों की NSE के SME प्लेटफॉर्म पर एंट्री हुई है। इसका मुनाफा लगातार धांसू स्पीड से बढ़ रहा है और इसके IPO को भी तगड़ा रिस्पांस मिला था। चेक करें आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Mar 13, 2024 पर 4:32 PM
सोना मशीनरी का 51.82 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-7 मार्च तक खुला था। आज इसकी NSE SME पर एंट्री हुई है।
     
     
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    Sona Machinery IPO Listing: गेहूं-चावल के लिए प्रोसेसिंग मशीनरी बनाने वाली सोना मशीनरी (Sona Machinery) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर फीकी एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 273 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 143 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 125 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 12 फीसदी से अधिक घाटा हो गया। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर ऊपर चढ़े लेकिन अभी तक निवेशक मुनाफे में नहीं लौटे। रिकवर होकर यह 131.25 रुपये (Sona Machinery Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि आईपीओ निवेशक अब करीब 8 फीसदी घाटे में हैं।

    Sona Machinery IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

    सोना मशीनरी का 51.82 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-7 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 273.50 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 129.72 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 554.42 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 235.06 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 36.24 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल गाजियाबाद में एक नया मैनुफैक्चरिंग यूनिट सेटअप करने, कर्ज चुकाने और और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।


    Sona Machinery के बारे में

    वर्ष 2019 में बनी सोना मशीनरी चावल, दाल, गेहूं, मसाले और बाजरा की प्रोसेसिंग के लिए मशीनरी बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का नाइजीरिया, बांग्लादेश, केन्या और नेपाल को निर्यात होता है। इसकी मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी यूपी के गाजियाबाद में है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 27.81 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में तेजी से उछलकर 3.26 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 7.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 265 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 81.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो अप्रैल-नवंबर 2023 में इसे 6.48 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 62.88 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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