कई बार बैंक लोन देने के लिए पीछे पड़े रहते हैं, लेकिन एक बार जब लोन लेने के लिए हां कर दो, तो फिर लोन मिलने में समय लग जाता है। ऐसे में अब आप जल्द ही अपने लोन एप्लीकेशन का स्टेटस पल-पल चेक कर सकते हैं। हाल ही में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रिटेल, MSME, हाउसिंग, व्हीकल, आदि पर लोन लेने पर एप्लीकेशन को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की है।
वहीं कुछ लोन देने वाली संस्थाओं के पास पहले से ही अपनी वेबसाइटों पर लोन एप्लीकेशन को ट्रैक करने की सुविधा दी हुई है। ये सुविधा कुछ खास टाइप के लोन के लिए ही मिली हुई है। जैसे HDFC बैंक ने पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, कार लोन, होम लोन, पर लोन के एप्लीकेशन को ऑनलाइन चेक करने की सुविधा दी हुई है। इसी तरह देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने रिटेल और एग्रीकल्चर लोन लोन के लिए ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा दी हुई है।
लोन लेने की प्रकिया
जब भी हम होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो एप्लीकेशन को कई स्टेज से गुजरना होता है।
इसमें लोन लेने वाले की सबसे पहले पहचान, पता और इनकम प्रूफ की जरूरत होती है। जिससे लोन अमाउंट को इवैल्यूट किया जा सके। होम लोन के लिए क्रेडिट हिस्ट्री, इनकम लेवल, बकाया कर्ज, उम्र आदि के बारे में जानकारी जुटाई जाती है।
इसके बाद अगले स्टेप में लोन लेने वाले के डॉक्यूमेंट्स जैसे जमीन के कागज, ले आउट, मैप, बिल्डिंग प्लान का इवैल्यूट (मूल्यांकन) किया जाता है। लोन लेने वाले की संपत्ति का फिजिकल इन्स्पेक्शन (भौतिक सत्यापन) भी होता है। इसके बाद लोन की राशि तय की जाती है।
आमतौर पर इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन लगते हैं। डॉक्यूमेंट्स की उपलब्धता के आधार पर कभी-कभी एक या दो महीने से भी अधिक समय लग सकता हैं। होम लोन की मंजूरी से पहले कठिनाइयों और लंबी प्रक्रिया को देखते हुए, इसके स्टेटस पर नजर बनाए रखने से आपका टाइम बचेगा। साथ ही इस स्टेटस के मुताबिक आप अपने अगले प्लान की तैयारी कर सकते हैं।
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