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SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेस एक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट

SpaceX Shares: धांसू लिस्टिंग के साथ एलॉन मस्क (Elon Musk) को दुनिया का पहला और इकलौता ट्रिलेनियर यानी $1 ट्रिलियन की दौलत वाला शख्स बनाने वाली स्पेसएक्स अब दबाव से जूझ रही है। तीन दिनों में शेयरों में 23% से अधिक की गिरावट के साथ इसका मार्केट कैप ₹56 लाख करोड़ से अधिक घट गया। जानिए स्पेसएक्स में इस दबाव की वजह और खुदरा निवेशकों का रुझान अब क्या है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 23, 2026 पर 11:06 AM
SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेस एक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट
SpaceX Shares: स्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है।

SpaceX Shares: अमेरिकी स्टॉक मार्केट में नैस्डैक (Nasdaq) पर धांसू एंट्री के बाद एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स की रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है। लगातार तीसरे दिन सोमवार 22 जून को इसके शेयर धड़ाम हुए और सोमवार को तो यह 16% टूट गया। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बिकवाली के चलते निवेशकों की दौलत तेजी से नीचे आई और लगातार तीन कारोबारी दिनों में शेयरों में 23% से अधिक गिरावट के चलते निवेशकों की दौलत करीब $60 हजार करोड़ यानी ₹56 लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। स्पेसएक्स के शेयर 22 जून को नैस्डैक पर 16.43% की गिरावट के साथ $154.60 पर बंद हुए। 12 जून को इसकी मार्केट में एंट्री हुई थी और 16 जून को इसने $225.64 का रिकॉर्ड हाई छुआ था। इसके अगले ही दिन 17 जून से लाल होना शुरू हो गया। कुछ समय के लिए मार्केट कैप के मामले में इसने एमेजॉन (Amazon) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया था।

क्यों आया SpaceX के शेयरों पर दबाव

स्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी अपने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए निवेश-ग्रेड बॉन्ड जारी करके कम से कम $2 हजार करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि स्पेसएक्स ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसकी योजना कितना फंड जुटाने की है। इसके अलावा मास्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव डाला। के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट Michael O'Rourke का कहना है कि अधिकतर निवेशक जो इस शेयर में निवेश करना चाहते थे, उन्होंने लिस्टिंग के तुरंत बाद ही खरीदारी कर ली थी, जिससे सेलर्स को प्राइस एक्शन पर अधिक कंट्रोल मिल गया।

बनी हुई है खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी

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