CreditAccess Grameen: माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिटऐक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के प्रमोटर्स की कंपनी से बाहर निकलने की योजना अटक गई है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि क्रेडिटऐक्सेस की डच पैरेंट कंपनी काफी ऊंची वैल्यूएशन की मांग कर रही है, जिस पर संभावित निवेशकों को ऐतराज है। स्टेक सेल को लेकर पिछले 12-18 महीनों से बातचीत चल रही है। इस बातचीत में क्रेडिटऐक्सेस इंडिया BV (क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण प्रमोटर), कुछ लेंडर्स और प्राइवेट इक्विटी फर्में शामिल रही हैं। सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि हालांकि, वैल्यूएशन को लेकर अंतर की वजह से यह प्रक्रिया अटक गई है।
क्रेडिटऐक्सेस ग्रामीण में क्रेडिटऐक्सेस इंडिया BV की 66.56 पर्सेंट हिस्सेदारी है। क्रेडिटऐक्सेस इंडिया BV में कुछ हाई नेटवर्क इंडिविजुअल्स (HNI) और फैमिली ऑफिसेज का निवश है। क्रेडिटऐक्सेस इंडिया BV में अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म ओलंपस कैपिटल एशिया (Olympus Capital Asia) की 15 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि एशियन डिवेलपमेंट बैंक की 9 पर्सेंट हिस्सेदारी है।
सूत्रों ने बताया कि क्रेडिटऐक्सेस ग्रामीण के प्रमोटर्स कंपनी के स्टॉक के मौजूदा प्राइस से 15-20 प्रीमियम कीमत मांग रहे हैं। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस संस्थानों में खरीदार ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। 30 जून 2024 के मुताबिक, क्रेडिटऐक्सेस ग्रामीण के पास 24,647 करोड़ रुपये का लोन है। क्रेडिटऐक्सेस ग्रामीण फिलहाल भारत की सबसे बड़ी स्टैंडअलोन माइक्रोफाइनेंस कंपनी है। 30 जून 2024 के मुताबिक, इसका नेटवर्थ 6,961 करोड़ रुपये है और वैल्यूएशन, प्राइस टू बुक का तीन गुना है।
खबर है कि माइक्रोफाइनेंस इकाई के प्रमोटर्स इस कंपनी से निकलने के लिए 14,000 करोड़ रुपये मांग रहे हैं।