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स्टैंडर्ड चार्टर्ड वेल्थ के स्टीव ब्राइस को कंज्यूमर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में दिख रहे हैं कमाई के मौके, जनिए और कहां है इनकी नजर

ब्रिस ने ग्लोबल बाजार कि स्थितियों लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी है। ब्राइस को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में यूएस फेड द्वारा दरों में तीन कटौती की जाएगी। उनके मुताबिक यह अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थिति पैदा करता है। इससे संकेत मिलता है कि चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। ब्राइस ने हिस्टोरिकल इंडीकेटर्स का हवाला देते हुए कहा कि मंदी का संकेत देने वाले अहम मेट्रिक्स सक्रिय हो गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2024 पर 2:27 PM
स्टैंडर्ड चार्टर्ड वेल्थ के स्टीव ब्राइस को कंज्यूमर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में दिख रहे हैं कमाई के मौके, जनिए और कहां है इनकी नजर
स्टीव ब्राइस को लगता है कि साल की दूसरी छमाही में बाजार में जोरदार तेजी रहेगी

स्टैंडर्ड चार्टर्ड वेल्थ मैनेजमेंट (Standard Chartered Wealth) के मुख्य निवेश अधिकारी स्टीव ब्राइस (Steve Brice) का कहना है कि मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों में मजबूती और आगे अच्छी कमाई की संभावनाओं को देखते हुए भारतीय बाजार अच्छे नजर आ रहे हैं। साथ ही भारतीय बाजारों का वैल्यूशन भी पहले की तुलना में अच्छा हुआ है। स्टीव कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी (गैरजरूरी या शौकिया उपभोक्ता खर्च), इंडस्ट्रियल और हेल्थ केयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं।

स्टीव ब्राइस ने कहा हम अब प्री-इलेक्शन साइकिल में हैं। ये दौर आम तौर पर शेयर बाजार के लिए अच्छा रहता है। स्टीव को लगता है कि आगे खपत वाले शेयरों में तेजी आने की संभावना है क्योंकि हम साल की पहली छमाही से गुजर रहे हैं। इसके अलावा चुनावी माहौल में लगातार बढ़ रहे सरकारी खर्च से भी खपत वाले शेयरों फायदा होने की उम्मीद है। सरकार की नितियों से इंडस्ट्रियल शेयरों को फायदा मिलेगा। साल की दूसरी छमाही में हमें इंडस्ट्रियल शेयरों में तेजी आती दिखेगी। स्टीव ब्राइस ने ये भी बताया कि वे ग्लोबल और भारतीय दोनों बाजारों में स्वभाव से थोड़ा ज्यादा डिफेंसिव माने जाने वाले हेल्थ केयर सेक्टर को लेकर भी वे ओवरवेट हैं।

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हालांकि, ब्रिस ने ग्लोबल बाजार कि स्थितियों लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी है। ब्राइस को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में यूएस फेड द्वारा दरों में तीन कटौती की जाएगी। उनके मुताबिक यह अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थिति पैदा करता है। इससे संकेत मिलता है कि चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। ब्राइस ने हिस्टोरिकल इंडीकेटर्स का हवाला देते हुए कहा कि मंदी का संकेत देने वाले अहम मेट्रिक्स सक्रिय हो गए हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश की सफलता की संभावना को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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