Daily Voice : ऑटो और ऑटो एंसीलरी कंपनियां लंबी तेजी के लिए तैयार नजर आ रही हैं। बाजार में आने वाले किसी भी करेक्शन में इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी करनी चाहिए। चुनिंदा इंडस्ट्रियल शेयर भी मजबूत दिख रहे हैं। आगे इनमें अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। ये बातें नारनोलिया फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इंवेस्टमेंट ऑफीसर शैलेन्द्र कुमार ने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कही हैं। यहां हम आपके के लिए इस इंटरव्यू का संपादित अंश दे रहे हैं।
शैलेन्द्र कुमार का मानना है कि पिछले चार सालों के दौरान बैंकिंग शेयरों ने ज्यादातर कमजोर प्रदर्शन किया है, लेकिन अब बाजार में गिरावट के दौरान निवेश करने के लिए यह एक अच्छा सेक्टर होगा।
अगले हफ्ते से शुरू होने वाले दिसंबर तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए शैलेंद्र ने कहा कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कंपनियों के मार्जिन में कुछ गिरावट होने की संभावना है। हालांकि बेस इफेक्ट के चलते सालाना आधार पर मार्जिन में बढ़त देखने को मिल सकती है।
अगर आने वाले महीनों में करेक्शन होता है तो किन सेक्टरों पर दांव लगाना चाहिए? इस सवाल के जवाब में शैलेंद्र कुमार ने कहा कि ऑटो और ऑटो कंपोनेंट कंपनियां लंबे समय तक तेजी दिखाने के लिए तैयार दिख रही हैं। अगर बाजार में कोई करेक्शन आता है तो इन सेक्टरों के चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाना चाहिए। चुनिंदा इंडस्ट्रियल शेयर भी मजबूत दिख रहे हैं। पिछले चार सालों में बैंकिंग शेयरों ने ज्यादातर कमजोर प्रदर्शन किया है लेकिन अब बाजार में गिरावट के दौरान निवेश करने के नजरिए से बैंकिग शेयर अच्छे दिख रहे हैं। आगे इनमें अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। नए जमाने की कुछ डिजिटल कंपनियां भी शैलेंद्र को निवेश के नजरिए से अच्छी दिख रही हैं। उनका कहना है कि निवेश के नजरिए से हमें उन डिजिटल कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए मजबूत ग्रोथ के साथ पॉजिटिव कैश फ्लो की तरफ बढ़ रही हैं।
क्या अब खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से पैसा निकाल कर आईटी और फार्मा में शिफ्ट करने का समय आ गया है? इसके जवाब में शैलेंद्र ने कहा कि आईटी कंपनियों की ऑर्डर बुक और अर्निंग ग्रोथ निचले स्तरों पर दिख रही है। इनका वैल्यूएशन भी महंगा दिख रहा है। ऐसे में इस सेक्टर में वे अंडरवेट हैं। हालांकि इस सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में उनका निवेश है।
आईटी की तुलना में शैलेंद्र को फार्मा शेयर ज्यादा अच्छे दिख रहे हैं। हालांकि इनके सेल्स आंकड़ों में अभी भी मजबूती नहीं आई है लेकिन इनकी प्राइसिंग पावर धीरे-धीरे वापस आती दिख रही है। ऐसे में फार्मा शेयरों में ये धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करने का सही समय नजर आ रहा है।
बाजार पर बात करते हुए शैलेंद्र ने कहा कि इस समय हमें मौजूदा जियो पोलिटिकल तनाव और इस साल दुनिया भर में होने वाले कई अहम चुनावों पर भी नजर रखनी चाहिए। भारतीय बाजार का मीडियम से लॉन्ग टर्म आउटलुक काफी अच्छा दिख रहा है। ऐसे में बाजार की वोलैटिलिटी का इस्तेमाल अच्छे शेयरों में खरीदारी के लिए करना चाहिए।
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