Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।
IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स
आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।
फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।
इसके अलावा कंपनी ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट में लीडरशिप में बदलाव का भी ऐलान किया। कपिश जैन ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद छोड़ दिया ताकि वह कंपनी के भीतर ही दूसरा पद संभाल सकें और सीएफओ के पद पर उनकी जगह विकास जैन को 27 जून से जिम्मेदारी मिली है। विकास जैन इससे पहले हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और PwC जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को कम समय में तगड़ा झटका दिया है। इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹674.95 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 39.34% फिसलकर 27 अप्रैल 2026 को यह ₹409.45 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।