Stock Market Analysis : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज़ (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि आज गिरावट को छोड़ दें तो अब तक सभी ज्वेलरी स्टॉक्स में काफी अच्छा करंट देखने को मिला है। पिछले कुछ क्वार्टर्स से इनके नतीजे भी बहुत ही बढ़िया आ रहे हैं। गोल्ड के भाव में तेजी देखने को मिली है।। इनको हायर मेकिंग चार्जेस का फायदा भी मिला है। गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी ओनरशिप के इन्वेस्टमेंट के अच्छा विकल्प बनने का भी इनको फायदा मिला है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है गोल्ड के भाव और इसकी खरीदारी अपने पीक पर पहुंच चुकी है। ऐसे में इन लेवल्स इनके वैल्यू्एशन काफी महंगे दिख रहे हैं। ऐसे में ज्वेलरी शेयरों का रिस्क रिटर्न प्रोफाइल अच्छा नहीं दिख रहा। इनमें बेस इफेक्ट भी आ जाएगा और शायद इनके लिए अगली तिमाहियां इतनी बढ़िया नहीं होंगी। वैसे भी हर तिमाही में 40-50% ग्रोथ मुमकिन नहीं। इसलिए में अब ज्वेरली शेयरों को लेकर सेंटीमेंट थोड़ा थोड़ा नेगेटिव हो सकता है।
दीपन मेहता ने इस बातचीत में आगे कहा कि हालांकि टाइटन में और बाकी कुछ ज्वेलरी स्टॉक्स में उनका निवेश है लेकिन इस समय ज्वेलरी इंडस्ट्री में थोड़ा हल्का हो जाना चाहिए। उन्होनें यह भी बताया कि स्काई गोल्ड में भी उनका एक्सपोजर है।
बैंक शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि बैंकिंग इंडस्ट्री इस समय एक रेड ओशन बन चुकी है। पीएसयू बैंक अब तक स्लो ग्रोथ में थे। बैलेंस शीट की वजह से लेंडिंग के मामले में ये इतने एग्रेसिव नहीं थे। लेकिन अब ये भी मार्केट में आ गए हैं। इनका एक कॉमन ट्रेंड यह है कि जो बड़े बैंक हैं उनका बैलेंस शीट बहुत ही बड़ा है। इसमें एसबीआई, HDFC बैंक, ICICI बैंक Axis बैंक और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। इनकी ग्रोथ इंडस्ट्री से कम है। आगे इनके लोन बुक या डिपॉजिट ग्रोथ के लिए काफी चुनौतियां हो सकती हैं। इनकी तुलना में छोटे बैंक ज्यादा अच्छा कर रहे हैं, क्योंकि उनकी लोन उनकी बेस इफेक्ट थोड़ी कम है। नए-नए प्रोडक्ट्स नए इलाको में ब्रांच एक्सपेंशन की वजह छोटे बैंक मोमेंटम बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो बैंकिंग सेक्टर में और लेंडिंग सेक्टर में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि अगर आप देखेंगे तो भारी कंपटीशन की वजह से इस सेक्टर के नेट इंटरेस्ट मार्जिन ग्रोथ रेट पर असर आ सकता है। इसके अलावा हमारी इकोनॉमी पर गल्फ वॉर का पूरा असर अभी तो देखने को भी नहीं मिला है। ऐसे में बड़े बैंकों की ग्रोथ सपाट रह सकती है।
बाजार की चाल पर बात करते हुए दीपन मेहता ने आगे कहा कि रिटेल निवेशकों से फ्लो लगातार बना हुआ है। जब युद्ध थमेगा तो कच्चे तेल की कीमतें घटेंगी। बाजार में बड़े करेक्शन की आशंका नहीं है। कई मिड-स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। उन्होंने बताया कि FMCG में उन्होंने कोई निवेश नहीं किया है। तेजी आने पर FMCG में होल्डिंग घटानी चाहिए। FMCG सेक्टर से अभी दूर रहना चाहिए। हालांकि, FMCG में होनासा और नायिका जैसी कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।
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