Stock Market outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 12 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook : कंज्यूमर ड्यूरेबल्स NSE का सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा,जिसमें 3.73 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं रियल्टी, PSU बैंक और ऑयल & गैस शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। टाइटन कंपनी, SBI, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी के सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे

अपडेटेड May 11, 2026 पर 4:37 PM
Story continues below Advertisement
Market cues : रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के SVP,अजीत मिश्रा का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स में अभी भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और यह ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले थोड़ा सुस्त बना हुआ है

Market outlook : सोमवार 11 मई को कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,PSU बैंक, रियल्टी और ऑयल & गैस शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के चलते Sensex और Nifty में भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक या 1.70 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 23,815.85 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ काफी कमज़ोर रही, जहां 1,390 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,779 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में 10 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखने को मिला,जो बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता को दर्शाता है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स NSE का सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा,जिसमें 3.73 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं रियल्टी, PSU बैंक और ऑयल & गैस शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। टाइटन कंपनी, SBI, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी के सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट में 8 प्रतिशत से ज़्यादा की तेजी आई और यह सबसे ज्यादा तेजी कमाने वाला शेयर बनकर उभरा।

बाजार जानकारों का कहना है कि बाजार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता को लेकर डरा हुआ। इस अनिश्चितता के कारण पिछले दो महीनों से ज्यादा समय से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।


कुछ लोगों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मितव्ययिता'(खर्च में कटौती) की अपील का असर बाजार के माहौल पर भी पड़ा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच,रविवार को प्रधानमंत्री ने भारतीयों से पेट्रोल,गैस,डीजल और ऐसी ही अन्य चीजों का इस्तेमाल बहुत ही संयम से करने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने का आग्रह किया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि उन्हें लगता है कि आज बाजार पर ईरान संकट के हल न होने के बजाय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'खर्च में कटौती' की अपील का ज्यादा असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल,डीजल,सोना और यहां तक कि विदेश यात्रा पर होने वाले खर्च में भी कटौती करने की अपील की है। संक्षेप में कहें तो यह खर्च में कटौती की एक अपील है। इस तरह की अपील से आर्थिक विकास और नतीजतन,कॉर्पोरेट अर्निंग पर भी नकारात्मक असर पड़ने की अशंका है। ईरान को लेकर बनी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मुकाबले,यह अपील बाजार पर ज़्यादा असर डालती दिखी है।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

निफ्टी व्यू

Nifty 50 ने आज 24,000 के अपने अहम सपोर्ट लेवल को नकारते हुए 23,900 का स्तर भी तोड़ दिया। Axis Direct के रिसर्च हेड राजेश पालविया के मुताबिक, Nifty को 24,000 का स्तर काफी अहम है। जब तक Nifty 24,340 के ऊपर बंद नहीं होता,तब तक बाज़ार का रुख सतर्क ही बना रहेगा। अगर यह सपोर्ट लेवल टूटता है,तो 23,800 अगला सपोर्ट जोन होगा।

बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि Nifty पिछले तीन हफ्तो से 23,800-24,400 की बड़ी रेंज में एक ट्राइएंगल कंसोलिडेशन में ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि इंडेक्स मौजूदा कंसोलिडेशन को आगे बढ़ाएगा और तिमाही नतीजों के सत्र के दौरान स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जारी रहने की संभावना है। 24,400 के ऊपर ब्रेकआउट और क्लोजिंग होने पर ही 24,600 और 24,800 के लेवल की ओर आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा। अगर 24,400 के ऊपर मूवमेंट नहीं होता है तो यह पिछले तीन हफ्तों से 24,400-23,800 की रेंज में चल रहे कंसोलिडेशन के जारी रहने का संकेत होगा। निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 23,800 पर है, जो पिछले तीन हफ्तों के निचले स्तर के आसपास है।

Trading Strategy : अगर निफ्टी 23,800 से नीचे टूटा तो बढ़ सकता है खतरा, बैंक निफ्टी अभी भी सबसे कमजोर कड़ी

बैंक निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के SVP,अजीत मिश्रा का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स में अभी भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और यह ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले थोड़ा सुस्त बना हुआ है। इसके लिए 52,700-52,800 के दायरे में तत्काल सपोर्ट मिल रहा है। जबकि 56,800-57,700 के आस-पास इसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। अगर बैंकिंग सेक्टर में फिर से तेजी लानी है और यह साबित करना है कि बैंकिंग स्टॉक्स फिर से बाजार को लीड कर रहे हैं, तो इसे रेजिस्टेंस बैंड से ऊपर लगातार बढ़त बनाए रखनी होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड,सुदीप शाह ने कहा कि Bank Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 54,900-54,800 के दायरे में है। अगर इस दायरे से नीचे कोई टिकाऊ गिरावट आती है तो Bank Nifty की कमजोरी बढ़कर 54,500 तक जा सकती है और उसके बाद शॉर्ट टर्म में यह 54,100 तक भी गिर सकता है। वहीं,ऊपर की ओर इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 55,800-55,900 के दायरे में है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।