सस्ते में मिल रहे अच्छे शेयर! शेयर बाजार में आए गिरावट को एक्सपर्ट ने बताया 'लॉन्ग टर्म' मौका

भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद अब वैल्यूएशन ज्यादा संतुलित स्तर पर आ गए हैं। इससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नए अवसर बनते दिख रहे हैं। इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी, थ्रीपी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (3P Investment Managers) ने अपनी मार्च तिमाही रिपोर्ट में ये बातें कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार के वैल्यूएशन अपने उच्च स्तर से लगभग 21% तक नीचे आ चुके हैं

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 1:09 PM
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3P इनवेस्टमेंट मैनेजर्स का मानना है कि शेयर बाजार में रिटर्न का मुख्य आधार अर्निंग्स ग्रोथ ही रहेगी

भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद अब वैल्यूएशन ज्यादा संतुलित और वाजिब स्तर पर आ गए हैं। इससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नए अवसर बनते दिख रहे हैं। इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी, थ्रीपी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (3P Investment Managers) ने अपनी मार्च तिमाही रिपोर्ट में ये बातें कही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी में आई तेज गिरावट और पिछले करीब 18 महीनों की टाइम करेक्शन के चलते बाजार के वैल्यूएशन अपने उच्च स्तर से लगभग 21% तक नीचे आ चुके हैं। फिलहाल निफ्टी-50 इंडेक्स लगभग अपने एक साल के फॉरवर्ड अर्निंग्स के 17 गुना पर ट्रेड कर रहा है। रिपोर्ट में इसे ‘वाजिब’ स्तर बताया है और आगे इसमें री-रेटिंग की संभावना जताई है।

अर्निंग्स ग्रोथ होगी असली ड्राइवर

3P इनवेस्टमेंट मैनेजर्स का मानना है कि शेयर बाजार में रिटर्न का मुख्य आधार कंपनियों की कमाई यानी अर्निंग्स ग्रोथ ही रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 12% CAGR की टिकाऊ अर्निंग ग्रोथ, साथ ही घटती महंगाई और कम होती मार्केट वोलैटिलिटी के कारण पूंजी लागत में कमी, ये तीनों फैक्टर्स मिलकर भविष्य में वैल्यूएशन को सपोर्ट कर सकते हैं।


हालांकि, कंपनी ने साफ कहा कि वैल्यूएशन का बढ़ना सिर्फ “केक पर आइसिंग” जैसा होगा, असली रिटर्न कमाई की ग्रोथ से ही आएगा।

अनिश्चितता के बीच भी दिख रहा वैल्यू

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा माहौल भले ही अनिश्चितताओं से भरा हो, लेकिन बाजार में वैल्यू उभरती दिख रही है।

शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा काफी हद तक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर होर्मुज के रास्ते आने सप्लाई में रुकावट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट में कहा है कि ये घटनाएं आगे कैसा रुप लेगी, इसका आकलन करना फिलहाल मुश्किल है।

जोखिम सीमित, अपसाइड ज्यादा

कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्थिति में गिरावट आने का जोखिम सीमित और अस्थायी है, जबकि तेजी की संभावना ज्यादा मजबूत और लंबी अवधि की हो सकती है। यहां तक कि खराब परिस्थितियों में भी वैल्यूएशन करीब फॉरवर्ड अर्निंग्स के 15 गुना तक ही गिरने की उम्मीद है। इसे भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ, घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और इक्विटी पर अनुकूल टैक्स स्ट्रक्चर से सपोर्ट मिलता है।

आगे क्या है अनुमान?

3P इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने अनुमान जताया है कि अगले तीन सालों में शेयर बाजार करीब 15% सालाना (CAGR) रिटर्न दे सकता है, जिससे कुल मिलाकर करीब 50% तक रिटर्न मिल सकता है। यह अनुमान इस आधार पर है कि वैल्यूएशन फिर से प्री-ईरान कॉन्फ्लिक्ट स्तर यानी करीब 19.5 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स तक पहुंच सकते हैं।

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