Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार बुधवार 20 दिसंबर को अचानक से भरभरा कर गिर गए। सेंसेक्स ने 930 अंकों का गोता लगाया। वहीं निफ्टी 300 अंक टूटकर बंद हुआ। गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों के एक दिन में 9.32 लाख करोड़ रुपये डूब गए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई कारण हैं। इसमें मुनाफावसूली से लेकर, देश के कुछ हिस्सों में कोविड केस का बढ़ना, क्रूड की कीमतों में उछाल, FII की ओर से पैसा खींचना जैसी वजहें शामिल हैं।
शेयर बाजार में बुधवार की गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण मुनाफावसूली रहा। बाजार पिछले कुछ दिनों से रोज नए शिखर छू रहा था। ऐसे में मार्केट ऑब्जर्वर पहले एक अच्छी मुनाफावसूली की उम्मीद कर रहे थे। वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड, विनित बोलिंजकर ने बताया, "इस बिकवाली की पहले से उम्मीग थी। निफ्टी अगले कुछ दिनों में 21,000 के स्तर को भी तोड़ता हुआ दिख सकता है।" उन्होंने कहा कि 1 नवंबर के बाद से बाजार में अच्छी तेजी आई थी, जिसके चलते वैल्यूएशन चरम पर पहुंच गया। ऐसी स्थिति में मुनाफावसूली दिखना तय है।
देश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर कोविड मामलों में उछाल देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में कोविड के 614 नए मामले सामने आए हैं। यह मामले कोविड के नए वेरिेएंट 'JN.1' के चलते आए हैं, जिसे सबसे पहले केरल में डिटेक्ट किया गया था। इस वेरिएंट के सामने आने के बाद पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के उन लोगों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनने के लिए कहा है, जिन्हें अन्य गंभीर बीमारियां और खांसी, कफ और बुखार के लक्षण है।
भारत की इकोनॉमी में क्रूड ऑयल का काफी अहम रोल है। लाल सागर में ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों की ओर से समुद्री जहाजों पर हमले से समुद्री व्यापार प्रभावित हो गया है। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियों को स्वेज नहर मार्ग को छोड़कर दूसरे और लंबे समुद्री मार्ग को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसके क्रूड ऑयल के दाम में उछाल आया है।
4. FII ने बाजार से पैसे निकाले
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से पैसा निकालना भी गिरावट की एक अहम वजह रही। आंकजडों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने एक दिन में शुद्ध रूप से 601.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। बुधवार को यह आंकड़ा और अधिक रहने की उम्मीद है।
5. लाल निशान में रहे सभी सेक्टोरल इंडेक्स
शेयर बाजार में बुधवार को चौतरफा गिरावट रही। बाजार को किसी भी सेक्टोरल इंडेक्स का सपोर्ट नहीं रहा। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स 3% से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे अधिक गिरावट पावर, यूटिलिटी, टेलीकॉम और सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला।