शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट है। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत हरे निशान में की। सेंसेक्स ने 73,766.51 और निफ्टी ने 22,787.25 का हाई देखा। कुछ ही देर में सेंसेक्स इस हाई से 1279 अंक और पिछले क्लोजिंग प्राइस से 761.92 अंक तक फिसला और 72,487.47 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी दिन के हाई से 380 अंक और पिछली क्लोजिंग से 280.6 अंक तक गिरकर 22,407.05 के लो तक गया।
एक दिन पहले सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार आई तेज गिरावट के अहम कारण...
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
कच्चे तेल की कीमत में बनी हुई तेजी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। प्रमुख निर्यातक देश सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद एनर्जी की सप्लाई में और अधिक बाधा आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमत में तेजी भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है। देश अपने कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल महंगा होने पर देश में महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है।
22 अक्टूबर 2026 को, FIIs नेट सेलर बने रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव को केवल आंशिक रूप से ही कम कर पाई।
बाजार में उतार-चढ़ाव का पैमाना माने जाने वाले 'इंडिया VIX' में 8% की बढ़ोतरी हुई है और यह 17 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स को निकट भविष्य में बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।