स्टॉक मार्केट्स में आई गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। मार्केट में गिरावट की उम्मीद तो थी। लेकिन, इतनी बड़ी गिरावट की उम्मीद किसी को नहीं थी। 5 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी करीब 3 फीसदी तक क्रैश कर गए। इस गिरावट की वजह ग्लोबल खासकर अमेरिकी मार्केट में बिकवाली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेडर्स ने येन (जापान की करेंसी) में कैरी ट्रेड से जुड़े अपने सौदे काटे हैं, जिसका असर फाइनेंशियल मार्केट्स पर पड़ा है। आखिर यह कैरी ट्रेड क्या है, इसका असर फाइनेंशियल मार्केट्स पर किस तरह पड़ा है, ट्रेडर्स के येन में कैरी ट्रेड के सौटे काटने की वजह क्या है? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।
सिर्फ 3 हफ्तों में येन 10 फीसदी चढ़ा
जापान की सरकार और बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने हाल में इकोनॉमी और करेंसी से जुड़े कई कदम उठाए हैं। इससे बीते तीन हफ्तों में जापान की करेंसी येन (Yen) की कीमत डॉलर के मुकाबले करीब 10 फीसदी बढ़ी है। पिछले हफ्ते जापान की सरकार ने येन को सहारा देने के लिए 36.8 अरब डॉलर खर्च करने की पुष्टि की। दरअसल, येन की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरकर 38 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। इसलिए जापान के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जापान को येन को और गिरने से बचाने के कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
बैंक ऑफ जापान ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया
दूसरा, Bank of Japan ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर 0.25 फीसदी कर दिया। पहले इंटरेस्ट रेट 0-0.1 फीसदी के बीच था। 2008 के बाद पहली बार येन का इंटरेस्ट रेट इस लेवल पर पहुंचा है। इसका सीधा असर येन में 'कैरी ट्रेड' पर पड़ा है। करेंसी मार्केट में इस ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी का काफी इस्तेमाल होता है। इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने से ट्रेडर्स ने कैरी ट्रेड के अपने सौदे काटने शुरू कर दिए। इसका सीधा असर ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स पर पड़ा।
कैरी ट्रेड का क्या मतलब है?
आम तौर पर कैरी ट्रेड में निवेशक उस देश में कर्ज लेता है, जहां इंटरेस्ट रेट बहुत कम होता है और डॉलर के मुकाबले करेंसी बहुत कमजोर होती है। यह स्थिति येन के साथ रही है। फिर निवेशक कर्ज के पैसे को उस देश में निवेश करता है जहां इंटरेस्ट रेट ज्यादा होता है। आम तौर पर उभरते बाजारों में इंटरेस्ट रेट विकसित देशों के मुकाबले ज्यादा होता है। इस ट्रेडर को कम इंटरेस्ट रेट पर कर्ज लेकर उस पर ज्यादा रिटर्न कमाने का मौका मिलता है। इसे कैरी ट्रेड कहते हैं।
कैरी ट्रेड के लिए क्यों येन का इस्तेमाल होता है?
सबसे ज्यादा ट्रेडर्स कैरी ट्रेड के लिए येन में कर्ज लेते रहे हैं। इसकी वजह यह है कि येन में उतारचढ़ाव कम होता है। ट्रेडर्स यह मानकर चलते हैं कि जापान में इंटरेस्ट रेट नाममात्र का होगा। लेकिन, इस बार स्थिति अचानक उलट गई। जापान के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जपान ने इंटरेस्ट रेट बढ़ा दिया। उसने आगे भी इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का संकेत दिया। फाइनेंशियल मार्केट हिस्टोरियन रसेल नेपियर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निवेशकों ने यह देख लिया है कि जापान में मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव का असर अमेरिकी फाइनेंशियल मार्केट्स पर पड़ेगा।
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अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स पर किस तरह पड़ा असर?
नेपियर के मुताबिक, येन के रेट्स में बदलाव का असर अमेरिकी में शेयरों की कीमतों पर दिखा है। इससे यह संकेत मिलता है कि आगे अमेरिकी और विकासशील देशों में एसेट की कीमतों पर जापान की मॉनेटरी पॉलिसी का असर दिख सकता है। उन्होंने बताया कि हाल में येन की कीमत बढ़ने से ट्रेडर्स पर येन में लिए अपने कर्ज को चुकाने का दबाव बढ़ गया। इससे उन्होंने अमेरिका में बिकवाली शुरू कर दी। इससे अमेरिका स्टॉक मार्केट में गिरावट आई। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में 2 अगस्त को बड़ी गिरावट देखने को मिली। डाओ फ्यूचर्स 300 से ज्यादा गिरा, जबकि नैस्डेक फ्यूचर्स में भी 2.5 फीसदी से ज्यादा कमजोरी आई।